मध्यप्रदेश

राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्रों से मध्यप्रदेश को मिलेगा लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान को सशक्त करते हुए केंद्रीय बजट 2025 में कौशल विकास और रोजगार को केंद्र में रखा गया है। मध्यप्रदेश इस अवसर का लाभ उठाते हुए प्रदेश को 'कौशल शक्ति प्रदेश' के रूप में विकसित करने के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हम एक ऐसा वातावरण तैयार कर रहे हैं, जहां हर युवा को नवीनतम औद्योगिक जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण मिलेगा। इससे प्रदेश की प्रतिभा न केवल राष्ट्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बनाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय बजट-2025 में घोषित 5 राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना से मध्यप्रदेश को विशेष रूप से लाभ मिलेगा। इन केंद्रों के माध्यम से "मेक फॉर इंडिया और मेक फॉर द वर्ल्ड" अभियान को मजबूती मिलेगी, जिससे राज्य में प्रशिक्षकों के उन्नत प्रशिक्षण, प्रमाणन प्रणाली और उद्योग से जुड़े पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पहल को राज्य के युवाओं के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कौशल विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।

स्टार्ट-अप्स और उद्यमिता को मिलेगा नया आयाम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्टार्ट-अप्स के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के फंड ऑफ फंड्स की घोषणा से मध्यप्रदेश के नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा मिलेगी। राज्य सरकार इस कोष का अधिकतम लाभ उठाने के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार कर रही है, जिससे स्थानीय स्टार्ट-अप्स को पूंजी और संरचनात्मक सहायता मिल सके। कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि "यह बजट केवल कौशल विकास की बात नहीं करता, बल्कि इसे रोजगार से जोड़कर समग्र विकास का एक मॉडल प्रस्तुत करता है। हम मध्यप्रदेश में डिजिटल लर्निंग, AI आधारित शिक्षा और नए उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्राथमिकता देंगे। यह युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के द्वार खोलेगा।" उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में घोषित योजनाओं को राज्य स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए कौशल विकास एवं रोजगार विभाग द्वारा व्यापक रणनीति बनाई जा रही है।

Related Articles

रोजगार उन्मुख कौशल प्रशिक्षण और नए अवसर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बजट में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) फ्रेमवर्क पर जोर दिया गया है, जिससे मध्यप्रदेश को टियर-2 शहरों में वैश्विक कंपनियों के कौशल केंद्रों को स्थापित करने का अवसर मिलेगा। इससे प्रतिभाशाली युवाओं को वैश्विक बाजार के अनुरूप तैयार किया जाएगा। पर्यटन और आतिथ्य उद्योग में मुद्रा लोन का प्रावधान किया गया है। सरकार होम-स्टे और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को विशेष वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। अनुसूचित जाति और जनजाति महिलाओं एवं वंचित समुदायों के उद्यमियों के लिए सरकार पहली बार 5 लाख युवाओं को ऑनलाइन क्षमता निर्माण और उद्यमिता प्रशिक्षण से जोड़ने जा रही है।

स्किल हब' बनने की दिशा में अग्रसर मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बजट मध्यप्रदेश को कौशल और नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में मजबूत कदम है। राज्य में नए स्किलिंग हब, GCC केंद्र और स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग से रोजगार के असंख्य अवसर उत्पन्न होंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी के आत्म-निर्भर भारत विजन को आगे बढ़ाते हुए मध्यप्रदेश "स्किल हब ऑफ इंडिया" बनने की ओर अग्रसर है। मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि राज्य सरकार आगामी वर्षों में कौशल विकास को रोजगार से सीधे जोड़ने के लिए नई रणनीति तैयार करेगी, जिससे हर युवा को उसकी क्षमता के अनुरूप अवसर मिल सके। यह बजट केवल वित्तीय आवंटन का दस्तावेज नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत है जहां कौशल ही विकसित समाज, विकसित प्रदेश और विकसित देश की नीव बनेगा।

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button