बिहार

गया-चतरा रेल परियोजना में तेजी, कई इलाकों में मिट्टी जांच का काम पूरा

 गयाजी
गया-डाल्टेनगंज और गया-चतरा नई रेल लाइन परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में रेलवे स्तर पर कवायद तेज हो गई है। प्रस्तावित रेल मार्ग को लेकर प्रारंभिक तकनीकी प्रक्रिया के तहत विभिन्न क्षेत्रों में मिट्टी जांच का काम कराया गया है।

शेरघाटी, डुमरिया, बांकेबाजार, नौडीहा समेत मार्ग में आने वाले अन्य क्षेत्रों से मिट्टी के नमूने लेकर उनकी जांच की गई है। अब जांच के बाद क्षेत्रवार रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को दी गई है।

रिपोर्ट रेलवे के उच्च अधिकारियों को भेजे जाने के बाद परियोजना के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

रेलवे सूत्रों के अनुसार, नई रेल लाइन के निर्माण से पहले प्रस्तावित मार्ग की भौगोलिक स्थिति, जमीन की मजबूती और मिट्टी की गुणवत्ता का तकनीकी आकलन जरूरी है।

इसी क्रम में अलग-अलग स्थानों पर मिट्टी की जांच कराई गई है। इसमें मिट्टी की गुणवत्ता, जमीन की मजबूती, निर्माण के लिए उसकी उपयोगिता सहित अन्य तकनीकी पहलुओं का अध्ययन किया गया है।

रिपोर्ट के आधार पर तय होगी परियोजना की तकनीकी रूपरेखा
मिट्टी जांच के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट परियोजना की आगे की तकनीकी योजना के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेगी। अधिकारियों की ओर से तैयार रिपोर्ट मिलने के बाद रेलवे की तकनीकी टीम उसका अध्ययन करेगी।

इसके आधार पर प्रस्तावित रेल लाइन की व्यवहार्यता, निर्माण से जुड़ी तकनीकी जरूरतों और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं का आकलन किया जाएगा। इसके बाद डीपीआर तैयार होगा।

डीपीआर में परियोजना की अनुमानित लागत, भूमि की आवश्यकता, निर्माण कार्य और अन्य तकनीकी पहलुओं का विस्तृत ब्योरा शामिल किया जा सकेगा।

लंबे समय से हो रही रेल संपर्क की मांग
गया को डाल्टेनगंज और चतरा से रेल मार्ग से जोड़ने की मांग लंबे समय से क्षेत्र के लोगों द्वारा की जाती रही है। नई रेल लाइन बनने से शेरघाटी, डुमरिया और बांकेबाजार सहित गया जिले के दक्षिणी क्षेत्रों को झारखंड के चतरा और डाल्टेनगंज क्षेत्र से सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

इससे यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ व्यापार और माल ढुलाई को भी बढ़ावा मिल सकता है।

परियोजना की प्रारंभिक प्रक्रिया आगे बढ़ने से स्थानीय लोगों में भी उम्मीद जगी है। पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने परियोजना से संबंधित प्रक्रिया की जानकारी दी है।

 

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button