मध्यप्रदेश

चपरासी और बैंक मैनेजर की मिलीभगत से सरकार को लगाया ₹10 करोड़ का चुना

भोपाल

भोपाल में बीज प्रमाणीकरण संस्था की 10 करोड़ की एफडी को उसी के चपरासी द्वारा हड़पने का मामला सामने आया है। चपरासी ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इमामीगेट शाखा में जमा 5-5 करोड़ की दो एफडी को बैंक मैनेजर की मिली भगत से तोड़कर ये घोटाला किया।

अब इस मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मामले के मास्टर माइंड और संस्था के चपरासी सहित छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

Related Articles

बैंक मैनेजर लापता, पुलिस ने जब्त की जमीन

पुलिस ने जमीन, भूखंड की रजिस्ट्री जब्त करते हुए विभिन्न खातों में जमा 51 लाख रुपये होल्ड करवाए हैं। इस मामले में बैंक मैनेजर की तलाश की जा रही है। डीसीपी जोन-तीन, रियाज इकबाल ने बताया कि 14 सितंबर 2024 को बीज प्रमाणीकरण अधिकारी सुखदेव प्रसाद अहिरवार ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

बैंक मैनेजर से मिलीभगत कर चपरासी ने लगाया चूना

शिकायत में बताया गया कि संस्था के चपरासी बीडी नामदेव ने सेंट्रल बैंक के मैनेजर नोयलसिंह से मिलीभगत कर संस्था की 10 करोड़ की एफडी तुड़वाकर राशि हड़पी है। इसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।

10 करोड़ के घोटाले को ऐसे दिया अंजाम

चपरासी बीडी नामदेव ने संस्था के बाबू दीपक पंथी एजेंट शैलेंद्र प्रधान उर्फ आचार्य बाबा और सेंट्रल बैंक के मैनेजर नोयलसिंह के साथ मिलकर पूरा षड़यंत्र रचा। इन लोगों ने बीज प्रमाणीकरण संस्था की 10 करोड़ की दो एफडी को सेंट्रल बैंक में जमा करवाया।

संस्था द्वारा करवाई गई एफडी को बीडी नामदेव और दीपक पंथी ने तुड़वाकर हासिल कर ली। बैंक मैनेजर ने एक फर्जी एफडी को संस्था को गुमराह करने के लिए रख दिया। विभाग की फर्जी सील और विभाग प्रमुख के कूट रचित हस्ताक्षर से तैयार दस्तावेज में भृत्य बीडी नामदेव को आहरण एवं वितरण अधिकारी बना दिया गया।

पांच करोड़ की दो एफडी की तैयार

बैंक मैनेजर की मिली भगत से चपरासी ने पांच-पांच करोड़ की दो डीडी तैयार कर ली। एमपी नगर स्थित येस बैंक के सेल्स मैनेजर धनंजय गिरि से साठगांठ कर बिना भौतिक सत्यापन के खाता खुलवाया गया और बीडी नामदेव का खाता खोलकर उसे बीज प्रमाणीकरण अधिकारी बताया गया। इसी खाते में 10 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए।।

इस राशि को शैलेंद्र प्रधान उर्फ बाबा ने अपने साथियों के साथ मिलकर विभिन्न बैंकों में फर्जी फर्म तैयार कर उनके नाम से लगभग 50 चालू खाते खुलवाकर ट्रांसफर करवा लिया। खाता धारकों को कमीशन देकर हड़पी गई राशि निकाल ली गई। उससे जमीन, भूखंड खरीद लिया गया।

पुलिस ने इन लोगों को किया गिरफ्तार

मामले में पुलिस ने गौतम नगर, गोविंदपुरा निवासी 53 वर्षीय बीडी नामदेव (भृ्त्य), विदिशा निवासी 44 वर्षीय दीपक पंथी (बाबू), यश बैंक का सेल्स मैनेजर बावड़ियाकलां निवासी 48 वर्षीय धनंजय गिरि, रामायण बिल्डिंग, कटारा हिल्स निवासी 62 वर्षीय शैलेन्द्र प्रधान उर्फ आचार्य बाबा (फर्जी फर्म बनाकर खाते खुलवाए), हालमार्क सिटी, कोलार रोड निवासी 50 वर्षीय राजेश शर्मा (ऐजेंट), सिंधी कालोनी सीहोर निवासी 44 वर्षीय पियूष शर्मा (एजेंट) को गिरफ्तार किया है।

 

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button