
छपरा.
बिहार सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को राहत देने की दिशा में उठाए गए कदमों को अमल में लाते हुए सारण जिला प्रशासन ने 75 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को निबंधन कार्यालय आने से छूट देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब पात्र बुजुर्गों को आवेदन करने पर रजिस्ट्री संबंधी आवश्यक औपचारिकताएं उनके घर पर ही पूरी कराई जाएंगी।
जिला अवर निबंधक गोपेश कुमार चौधरी ने बताया कि यह सुविधा स्वतः नहीं मिलेगी, बल्कि इच्छुक बुजुर्गों को इसके लिए आवेदन करना होगा। आवेदन प्राप्त होने के बाद निबंधन विभाग की मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट संबंधित व्यक्ति के घर जाकर रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी करेगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य वृद्धजनों को कार्यालय आने-जाने की परेशानी से मुक्ति दिलाना है।उन्होंने बताया कि मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट में एक लिपिक और एक डेटा ऑपरेटर शामिल होंगे, जो निर्धारित तिथि पर आवेदक के घर पहुंचकर आवश्यक कार्यवाही करेंगे। हालांकि, यह सुविधा केवल 75 वर्ष से अधिक आयु वाले आवेदक के लिए ही उपलब्ध होगी। दस्तावेज से जुड़े अन्य पक्षकारों को आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए निबंधन कार्यालय में उपस्थित होना होगा। मोबाइल यूनिट को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। इसमें लैपटाप, इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए डोंगल, बायोमेट्रिक डिवाइस, पोर्टेबल कैमरा तथा अन्य आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध रहेंगे, जिससे घर पर ही पहचान सत्यापन और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा सकेंगी।
पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लागू की जाएगी –
नई व्यवस्था के तहत दस्तावेजों के निबंधन के लिए गैर-न्यायिक स्टाम्प, ई-स्टाम्प, फॉर्म-4, आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों की मूल प्रतियां प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि आवेदक को केवल संबंधित दस्तावेजों के नंबर आनलाइन आवेदन में दर्ज करने होंगे। इसके बाद आवश्यक सत्यापन और अन्य प्रक्रियाएं विभागीय स्तर पर की जाएंगी। जमीन से संबंधित मामलों में केवल नजरिया नक्शा उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। निबंधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर बैठे रजिस्ट्री सुविधा और पेपरलेस निबंधन व्यवस्था से लोगों का समय बचेगा, कार्यालयों में भीड़ कम होगी तथा पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनेगी।






