
न्यूयॉर्क
अमेरिका और ईरान में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद सख्त और आक्रामक बयान दिया है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि अमेरिका की 1000 मिसाइलें "लॉक्ड एंड लोडेड" हैं और सीधे ईरान की ओर निशाना साधे हुए हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने उनकी हत्या की साजिश रची या ऐसी कोई कोशिश की, तो अमेरिकी सेना पूरे एक साल तक ईरान के हर हिस्से पर लगातार हमले करने के लिए तैयार है।
ट्रंप ने अपने संदेश में लिखा, "अगर ईरानी सरकार दुनिया के किसी भी हिस्से में मेरे खिलाफ हत्या की धमकी को अमल में लाने की कोशिश करती है, तो अमेरिका ईरान के सभी इलाकों को पूरी तरह तबाह कर देगा. आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं और अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार, इच्छुक और सक्षम है।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल के हफ्तों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर चरम पर पहुंच गया है. जून में दोनों देशों के बीच संघर्ष के बाद एक अस्थायी युद्धविराम लागू हुआ था, लेकिन हालिया सैन्य गतिविधियों और तीखे बयानों के बाद हालात फिर बिगड़ते नजर आ रहे हैं।
क्यों भड़के ट्रंप?
अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुआ संघर्षविराम समझौता टूटने के बाद से ही तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते सप्ताह ट्रंप ने खुद एक बयान में कहा कि सीजफायर खत्म हो चुका है। ताजा धमकियों का सिलसिला तब शुरू हुआ जब अमेरिका ने ईरान पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। इसके बाद अमेरिका ने ईरान में 90 से ज्यादा ठिकानों पर मिसाइलें बरसा दीं। इधर ईरान में पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया तब खत्म भी नहीं हुई थी। ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में कुवैत और बहरीन पर हमले तो किए ही, इस बीच तेहरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार में ट्रंप की मौत के भी खूब पोस्टर लहराए।
खामेनेई के जनाजे में ट्रंप के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा देखा गया। तेहरान में अंतिम यात्रा के दौरान ट्रंप की बनी तस्वीरों पर बंदूक के निशान बनाए गए। इस तरह की धमकियां भी लिखी गईं कि अमेरिका ने हमारे पिता को मारा है, हम उसे छोड़ेंगे नहीं!" इसके अलावा जब खामेनेई के पार्थिव शरीर को मशहद के इमाम रजा दरगाह में दफनाया जा रहा था, तब कुछ महिलाओं के हाथ में किल ट्रंप के पोस्टर भी नजर आए।
कई प्रदर्शनकारियों के हाथों में ऐसे पोस्टर थे जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, उप राष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के चेहरे बंदूक के निशाने पर दिखाए गए थे। उन पोस्टरों पर लिखा था, "खून बहकर रहेगा।” इस तरह खुलेआम अपनी मौत के आह्वान को देख ट्रंप भड़क गए हैं।
ईरान-अमेरिका तनाव की वजह
ट्रंप के पहले कार्यकाल में 2020 में सुलेमानी की ड्रोन हमले में हत्या के बाद ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी थीं. ईरान इसे बदला मानता है. हाल के वर्षों में भी ईरान समर्थित गुटों ने ट्रंप और अमेरिका के खिलाफ साजिशें रची हैं. ट्रंप ने हाल ही में ईरान के साथ तनाव बढ़ने के बीच मजबूत रुख अपनाया है।
ट्रंप का यह बयान दिखाता है कि वे अपनी सुरक्षा को लेकर कितने सतर्क हैं. उन्होंने कहा कि वे ईरान की लिस्ट पर हैं और सौभाग्य से अब तक बच गए, लेकिन यह हमेशा नहीं चल सकता. अमेरिकी खुफिया एजेंसियां भी ईरान की धमकियों पर नजर रख रही हैं।
प्रतिक्रियाएं और संभावित असर
यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है. ईरान की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन ऐसे बयान क्षेत्र में तनाव बढ़ा सकते हैं. अमेरिका और इजराइल पहले से ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों पर चिंतित हैं।
सुरक्षा उपाय
ट्रंप की सुरक्षा बढ़ाई गई है. हाल ही में NATO सम्मेलन के बाद वे पुराने और ज्यादा सुरक्षित एयर फोर्स वन से लौटे. अमेरिकी गुप्त सेवा (Secret Service) सुरक्षा पर खास ध्यान दे रही है।
ट्रंप का यह बयान ईरान को साफ चेतावनी है कि कोई भी गलत कदम महंगा पड़ेगा. यह अमेरिका की “शांति के माध्यम से शक्ति” (Peace through Strength) नीति का हिस्सा लगता है. फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव जारी है, लेकिन पूर्ण युद्ध की स्थिति नहीं है. अमेरिका ईरान की हर हरकत पर नजर रखे हुए है।
अगर मुझे कुछ हुआ, तो…
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि ईरान ने उन्हें मारने का प्लान बनाया है और ऐसी स्थिति में उन्होंने अमेरिकी सेना को ईरान को तबाह करने की धमकी दे दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर तेहरान उनकी हत्या करने की साजिश में सफल हो जाता है, तो उन्होंने जवाबी हमले के निर्देश पहले से ही लिखकर छोड़ दिए हैं। ट्रंप ने कहा, "मैंने स्पष्ट निर्देश छोड़ दिए हैं, अगर मुझे कुछ भी होता है, तो ईरान पर ऐसी बमबारी की जाए जो उन्होंने इतिहास में कभी न देखी हो।"
ईरान की 'हिट लिस्ट' में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप!
हाल ही में ट्रंप ने नाटो सम्मेलन के दौरान भी कहा था कि वह ईरान की "हिट लिस्ट" में सबसे ऊपर हैं. उनका दावा था कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि ईरान उनके खिलाफ साजिश रच सकता है. इसी पृष्ठभूमि में उन्होंने अमेरिकी सेना को पहले से ही कड़े जवाबी सैन्य विकल्प तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
इजरायल ने ईरान की खुफिया जानकारी ट्रंप को दी
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब इजरायल की तरफ से भी अमेरिका को ईरान की कथित साजिशों से जुड़ी खुफिया जानकारी साझा किए जाने की खबरें सामने आई हैं. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।






