
रायपुर| जिले में प्रशासनिक कार्यों को नई गति देने वाले कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह आज आम जनता के बीच एक संवेदनशील, सक्रिय और जनहितैषी अधिकारी के रूप में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। जिले में लगातार हो रहे निरीक्षण, जनसुनवाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे विषयों पर उनकी गंभीरता साफ दिखाई देती है।
हाल ही में CGPSC मुख्य परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर अभ्यर्थियों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करना हो, या फिर जयस्तंभ चौक स्थित सेंट्रल बैंक कार्यालय में आग लगने की घटना पर तत्काल मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेना — हर परिस्थिति में उनकी तत्परता प्रशासनिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बन रही है।
डॉ. गौरव सिंह की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे केवल कार्यालय तक सीमित नहीं रहते, बल्कि जमीनी स्तर पर जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हैं। गर्मी के मौसम में परीक्षा केंद्रों पर कूलर, पेयजल और ओआरएस जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश उनकी मानवीय सोच को दर्शाते हैं।रायपुर जिले में स्वच्छता, जल संरक्षण, शिक्षा व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ जनता से संवाद और समस्याओं के त्वरित समाधान की नीति ने लोगों के बीच भरोसा मजबूत किया है।
आज जरूरत ऐसे अधिकारियों की है जो केवल आदेश न दें, बल्कि मैदान में उतरकर व्यवस्था को समझें और सुधारें। डॉ. गौरव सिंह उसी सोच का प्रतिनिधित्व करते दिखाई देते हैं। उनकी सकारात्मक कार्यशैली से रायपुर जिला प्रशासन की छवि मजबूत हुई है और आम नागरिकों को यह भरोसा मिला है कि प्रशासन उनकी समस्याओं के प्रति गंभीर और जवाबदेह है।यदि इसी तरह विकास और जनसरोकारों को प्राथमिकता मिलती रही, तो रायपुर प्रशासन निश्चित रूप से प्रदेश के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकता है।
जहां फैसलों में जनता की मुस्कान दिखती है,वहीं एक सच्चे प्रशासक की पहचान दिखती है






