बिहार

बिहार में शुरू हुआ सहयोग शिविर, पंचायत स्तर पर सुनी जाएंगी जनता की समस्याएं

पटना

 सम्राट चौधरी ने मंगलवार को सारण जिले के डुमरी बुजुर्ग में सहयोग शिविर का शुभारंभ किया। सरकार की प्राथम‍िकताएं ग‍िनाईं।

अधिकारियों को साफ चेतावनी दी कि जनता की शिकायतों का समाधान 30 दिनों के भीतर नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारी स्वत: निलंबित माने जाएंगे।

दीप प्रज्वलित कर शिविर का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में सहयोग शिविर की शुरुआत की जा रही है।

31 वें दिन स्‍वत: सस्‍पेंड होंगे अधिकारी
इसके माध्यम से आम लोग सीधे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे और उनकी मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से होगी।

उन्होंने बताया कि 11 मई को सरकार ने सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी किया था। अब पंचायत स्तर पर हर महीने दूसरे और चौथे मंगलवार को सहयोग शिविर लगाए जाएंगे।

जहां अंचल, ब्लॉक, शिक्षा, थाना समेत विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों का समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवेदन मिलने के 10 दिनों के भीतर संबंधित अधिकारी को पहला नोटिस जारी किया जाएगा।

20 दिन पूरे होने पर दूसरा नोटिस और 25वें दिन तीसरा नोटिस भेजा जाएगा। इसके बावजूद 30 दिनों में समस्या का समाधान नहीं होने पर 31वें दिन संबंधित अधिकारी स्वत: निलंबित हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार को समृद्ध बनाने का सपना देख रहे हैं। सहयोग शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सोनपुर में होंगे विकास के कई कार्य
मुख्यमंत्री ने सारण के विकास से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले इस क्षेत्र को गोद लेने की घोषणा की गई थी और अब यहां एयरपोर्ट तथा टाउनशिप का निर्माण किया जा रहा है।

बाबा हरिहरनाथ के नाम पर टाउनशिप विकसित होगी। उन्होंने कहा कि पटना के मरीन ड्राइव की तर्ज पर छपरा में गंगा-अंबिका पथ का निर्माण कराया जाएगा।

साथ ही नोएडा की तर्ज पर आधुनिक शहर बसाने की योजना पर भी काम चल रहा है। राज्य में 211 स्थानों पर डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुमंडल अस्पतालों के डॉक्टर सामान्य बीमारी में मरीजों को रेफर कर देते हैं, जो स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने चेतावनी दी कि अनावश्यक रेफर करने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 15 अगस्त तक जिला और अनुमंडल अस्पतालों में बेहतर इलाज की व्यवस्था उपलब्ध करा दी जाएगी।

 

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