
लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का आबकारी विभाग राजस्व संग्रह और अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई, दोनों मोर्चों पर लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों (अप्रैल-जुलाई) में विभाग ने 20,862.42 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि की तुलना में 2,279.23 करोड़ रुपये यानी 12.27 प्रतिशत अधिक है। अकेले जुलाई महीने में विभाग ने 5,052.86 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया, जो पिछले वर्ष के जुलाई की तुलना में 16.04 प्रतिशत अधिक रहा।
71,278 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य निर्धारित
आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार की पारदर्शी नीतियों, प्रभावी निगरानी और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के कारण विभाग लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में आबकारी विभाग के लिए 71,278 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसे हासिल करने के लिए विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। सरकार का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि समाज को नशे के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखना भी है।
819 आरोपियों को भेजा गया जेल
आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि राजस्व वृद्धि के साथ-साथ अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी पर भी सख्त कार्रवाई जारी है। अप्रैल से जून 2026 के दौरान 29,294 अभियोग दर्ज कर अवैध मदिरा एवं मादक पदार्थ बरामद किए गए। इस दौरान 4,673 लोगों को गिरफ्तार किया गया, 819 आरोपियों को जेल भेजा गया तथा तस्करी में प्रयुक्त 30 वाहन जब्त किए गए। जुलाई में भी 9,769 अभियोग दर्ज कर 1,704 लोगों की गिरफ्तारी कर 271 को जेल भेजा गया।






