छत्तीसगढ़

‘शिकायत निवारण’ के माधयम से महिलाएं आपसी विवाद को सुलझाएंगी

बैकुण्ठपुर.

कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के निर्देशानुसार ग्राम पंचायत सलका में नारी अदालत का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण ग्राम पंचायत मनसुख एवं ग्राम पंचायत सलका में गठित नारी अदालत के सदस्यों के लिए आयोजित किया गया। नारी अदालत मिशन शक्ति योजना के अंतर्गत संचालित एक महत्वपूर्ण पहल है जिसे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित किया जा रहा है।

यह ग्राम पंचायत स्तर पर महिलाओं से संबंधित शोषण, घरेलू हिंसा, अधिकारों में कटौती एवं अन्य सामाजिक मुद्दों के समाधान के लिए एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र के रूप में कार्य करेगी। नारी अदालत महिलाओं का एक सशक्त समूह है जिसमें समाज एवं शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय महिलाएं शामिल हैं। यह समूह विभिन्न प्रकार के विवादों के समाधान, परामर्श, साक्ष्यों के आधार पर निर्णय, आपसी सहमति से मध्यस्थता एवं सुलह तथा महिलाओं के अधिकारों एवं शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य करेगा।

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इसके माध्यम से त्वरित, सुलभ एवं किफायती न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। नारी अदालत के संचालन से समाज में महिलाओं के अधिकारों, कानूनी विकल्पों एवं शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूकता में वृद्धि होगी। साथ ही घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना एवं लैंगिक आधारित हिंसा जैसी घटनाओं में पीड़ित महिलाओं को सहयोग प्रदान करने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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