उत्तर प्रदेश

यूपी पंचायत चुनाव मामला: ग्राम प्रधानों की नियुक्ति पर हाईकोर्ट सख्त, ओबीसी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश

इलाहाबाद

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में ग्राम प्रधानों को प्रदेश में पंचायत चुनाव होने और नए प्रधान चुने जाने तक प्रशासक नियुक्त करने संबधी राज्य सरकार के आदेश को चुनौती दी गई। ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के मामले में बुधवार हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई हुई। याची अमरेंद्र नाथ ने बताया कि सुनवाई के दौरान सरकार से सवाल किया कि उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव कब कराए जाएंगे। कोर्ट ने राज्य सरकार से उत्तर पनिर्वाचन आयोग को आदेश दिया कि अगली सुनवाई 10 जुलाई तक पंचायत चुनाव कराए जाने की संभावित डेट बताएं। इसके साथ ही सुनवाई के दौरान ओबीसी आयोग की रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने कहा है।

यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ व न्यायमूर्ति एके चौधरी की अवकाशकालीन पीठ ने स्थानीय अधिवक्ता ओम प्रकाश प्रजापति की ओर से दाखिल याचिका पर पारित किया है। याचिका में ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने संबधी राज्य सरकार के 25 मई के आदेश को चुनौती दी गई है। कहा गया है कि उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम की धारा 12 के तहत प्रधानों का कार्यकाल उनके शपथ लेने के पश्चात से सिर्फ पांच वर्ष का ही हो सकता है। सरकार ने समय पर पंचायत चुनाव न करा के मौजूदा प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त कर दिया। इस प्रकार से उनका कार्यकाल अनिश्चितकाल तक के लिए बढ़ा दिया गया है जो कि विधि विरूद्ध है। याचिका में मांग की गई कि पूर्व व्यवस्था के तहत यदि पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो पा रहे तो एडीओ पंचायत या किसी अन्य अधिकारी को प्रशासक नियुक्त किया जाय।

Related Articles

प्रधानों ने प्रशासक के रूप में 27 मई से काम संभाला है
यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव न हो पाने पर पहली बार 57694 निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद अब उनके काम के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। प्रशासक की जिम्मेदारी संभालने के बाद अब नए काम वो डीएम की अनुमति से ही करा सकेंगे। ग्राम पंचायतों के निवर्तमान प्रधानों ने प्रशासक के रूप में 27 मई से काम संभाला है। ऐसे में अब इस तिथि से वह कोई भी नया काम कराने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से डीएम को प्रस्ताव भेजेंगे। फिर डीएम की अनुमति से ही वह कोई नया काम करा सकेंगे। सिर्फ ग्राम पंचायतों के प्रशासक नियुक्त किए जाने से पूर्व की तिथि से स्वीकृत व अनुमोदित दैनिक, निर्माणाधीन, मरम्मत कार्य और पूर्ण हो चुके कामों का भौतिक व तकनीकी मूल्यांकन कराते हुए भुगतान प्रशासक पूर्व की भांति कर सकेंगे।

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button