छत्तीसगढ़

नक्सलगढ़ के 2 शिक्षक आज होंगे राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित

दंतेवाड़ा

नक्सल प्रभावित इलाके में अपनी सेवा दे रहे दो शिक्षक उषा भुआर्य और खेमलाल सिन्हा को शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किये जाने के लिए चयन किया गया है। उषा भुआर्य वर्तमान में बूथपदर उच्च प्राथमिक शाला में पदस्थ हैं। इससे पहले गुमडा प्राथमिक शाला में 2009 से 2022 तक पदस्थ रहीं, 22 बच्चों वाले स्कूल का संचालन महिला शिक्षिका अकेले ही करती रही हैं। कोरोनाकल में भी शिक्षिका ने स्कूल नहीं छोड़ा और बच्चो को शिक्षा से जोड़े रखा था। स्कूल को जिला स्तर पर कई पुरस्कार मिल चुकेहैं। शिक्षिका अब प्रमोशन में मिडिल स्कूल बूथपदर में पदस्थ है।

शिक्षक खेमलाल विषम परिस्थितियों में भी मोखपाल जैसे नक्सल क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाते आ रहे हैं। खासकर कोरोना काल में शिक्षक का विशेष योगदान रहा है। मोहल्ला क्लास का लगातार यहां संचालन होता रहा, जिसके लिए शिक्षक को जिलास्तर पर पुरस्कृत भी किया था। मोखपाल नाकापारा स्कूल को वर्ष 2018 में बेस्ट स्कूल का पुरस्कार भी मिल चुका है। स्कूल को स्वच्छता के लिए भी 2006 प्रशस्ति पत्र मिल चुका है। मोखपाल स्कूल कबाड़ से जुगाड़ में भी स्कूल जिले में प्रथम आ चुका है।

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मोखपाल प्राथमिक शाला का दौरा कर चुके शिक्षा सचिव आलोक शुक्ला भी शिक्षक खेमलाल की प्रशंसा कर चुके हैं। मोखपाल जैसे गांव में जहां सौ प्रतिशत आदिवासी परिवार हैं, जो बच्चों को स्कूल जाने प्रेरित नहीं करते हैं लेकिन शिक्षक ने पालकों को विश्वास में लेकर गांव के सभी बच्चों को स्कूल लाने में कामयाबी हासिल की है। शिक्षक का यह प्रयास जो जिले के दूसरे नक्सल प्रभवित गांवों में नहीं दिखता है। सरपंच विनोद सोरी ने बताया खेमलाल सिन्हा का मोखपाल गांव में शिक्षा की अलख जागने में अहम भूमिका है। गांव के बच्चे अब गाय चराने नहीं, बल्कि स्कूल जाते हैं।

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