बिहार

बिहार की चुनिंदा सड़कों और पुलों पर टोल टैक्स, रखरखाव पर होगा खर्च

पटना
 राज्य उच्च पथ की चुनिंदा सड़कें और पुल पर टोल टैक्स (Bihar Toll Tax) लगाने के निर्णय से पथ निर्माण विभाग को एक साल में सात से आठ सौ करोड़ रुपए का राजस्व हासिल होगा। इस राशि का इस्तेमाल सड़कों के रख रखाव पर किया जाएगा।
वित्तीय संस्थाओं की ऋण राशि से बनी सड़कें आ जाएंगी टोल की परिधि में

पथ निर्माण विभाग ने बड़ी संख्या में राज्य उच्च पथों (एसएच) को एशियन डेवलपमेंट बैंक व कुछ सड़कों किसी दूसरी वित्तीय संस्थाओं की ऋण राशि से विकसित किया है।

वित्तीय संस्थाओं की मदद से तैयार राज्य उच्च पथों को टोल टैक्स के दायरे में लाया जाना तय है। जल्द ही पथ निर्माण विभाग इस आशय की अधिसूचना जारी करेगा कि कौन-कौन से राज्य उच्च पथों पर टैक्स लिए जाएंगे।

टोल की वसूली के लिए टोल एजेंट को मिलेगी जिम्मेवारी
अलग-अलग इलाके में स्थित सड़कों पर टोल टैक्स की वसूली के लिए टोल एजेट नियुक्त करेगा पथ निर्माण विभाग। पथ निर्माण विभाग इन दिनाें डिजिटल मोड़ में यह आकलन कर रहा है कि किसी सड़क पर 24 घंटे के भीतर औसतन कितने वाहनों का परिचालन होता है। इसके आधार पर टोल एजेंट को जिम्मेवारी दी जाएगी।

पेमेंट गेटवे के लिए केंद्र सरकार की संस्था की मदद ली जाएगी
स्टेट हाईवे पर लगने वाले टोल टैक्स के पेमेंट गेटवे के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार इसके लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीन कार्यरत इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड की मदद ली जाएगी।

राष्ट्रीय उच्च पथ (एनएच) पर टोल टैक्स वसूली के लिए जो फास्ट टैग प्रचलन में हैं उन्हीं का इस्तेमाल राज्य उच्च पथ (एसएच) पर भी टोल के लिए किया जा सकेगा।

इसकी अनुमति मिल जाने के बाद एसएच के लिए टोल मद में फास्ट टैग के माध्यम से जो राशि आएगी वह पथ निर्माण विभाग के खाते में चली जाएगी। इसके लिए पथ निर्माण विभाग अलग से कोई फास्ट टैग की व्यवस्था नहीं करेगा।

 

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button