फिल्म जगत

Tiger Shroff Firing Case: राधा-बबीता पर हथियार पहुंचाने का आरोप, पुलिस हिरासत में पूछताछ से खुलेंगे राज?

  मुंबई

मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में शुक्रवार को उस वक्त सबका ध्यान आरोपी राधा पर गया, जब वह कोर्ट में रोने लगी. मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट में रिमांड की कार्यवाही शुरू होने से पहले राधा फूट-फूटकर रोती दिखी. राधा को तीन अन्य आरोपियों बबीता, कुनाल और सुमित के साथ अदालत में पेश किया गया था। 

इन चारों पर फायरिंग में शामिल आरोपियों को हथियार मुहैया कराने और लॉजिस्टिक मदद देने का आरोप है. अदालत ने आरोपियों को 26 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है. इससे एक दिन पहले कोर्ट ने फायरिंग करने वाले तीन शूटरों को भी पुलिस रिमांड में भेज दिया था. पुलिस इन सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर इस पूरे गोलीकांड के पीछे की वजह पता लगाएगी। 

मुंबई क्राइम ब्रांच इस मामले में हथियारों की सप्लाई और हमले की साजिश की जांच कर रही है. पुलिस का आरोप है कि राधा और बबीता ने हथियारों को मुंबई पहुंचाकर हमलावरों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई. जांच एजेंसी के मुताबिक, वारदात में इस्तेमाल हथियार अभी बरामद नहीं हुए हैं. पुलिस इसी सिलसिले में आरोपियों से पूछताछ करना चाहती है। 

विदेश में बैठे अनिल पंडित पर एक्शन की तैयारी!
वहीं क्राइम ब्रांच ने केस में भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 जोड़ दी है, जो संगठित अपराध से संबंधित है. पुलिस का आरोप है कि यह हमला लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित के इशारे पर किया गया था. पुलिस ने अपनी रिमांड अर्जी में अनिल पंडित को फरार आरोपी बताया है. यानी अब विदेश में बैठे गैंगस्टर अनिल पंडित पर भी शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। 

BNS की धारा 111 संगठित अपराध से जुड़ी है. इसके तहत किसी व्यक्ति या संगठित अपराध सिंडिकेट के दो या अधिक सदस्यों की ओर से लगातार गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने और हिंसा, धमकी, दबाव या डर का इस्तेमाल करने जैसे पहलुओं की जांच की जा सकती है. इस धारा को जोड़ने के बाद मामले में संगठित नेटवर्क की भूमिका की जांच अहम हो गई है। 

बचाव पक्ष ने पुलिस हिरासत का किया विरोध
आरोपियों के वकील सत्यव्रत जोशी और अजिंक्य मिरगल ने पुलिस हिरासत की मांग का विरोध किया. बचाव पक्ष ने सवाल उठाया कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आरोपियों को किस आधार पर गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ कौन से बयान या सबूत हैं. वकीलों ने दलील दी कि ट्रांजिट रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ हो चुकी है और दो आरोपी महिलाएं हैं। 

पुलिस का कहना है कि मामले में हथियारों की बरामदगी और साजिश की तह तक पहुंचने के लिए पूछताछ जरूरी है. ताजा जानकारी के मुताबिक, आरोपियों को 26 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। 

गौरतलब है कि रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी हुई थी. अभिनेता सुरक्षित बच गए थे, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हुए थे. क्राइम ब्रांच अब इस मामले में कथित संगठित अपराध नेटवर्क और अनिल पंडित की भूमिका की जांच कर रही है। 

 

किराए का कमरा लेकर अकेले रहती थी बबीता
इसकी जानकारी बबीता ने राजस्थान में रह रहे अपने भाई दीपक को फोन पर दी थी। नीलम के अनुसार सोनीपत में पहले से रहकर काम करने वाली गांव की पूजा और उसके पति राजनाथ दो साल पहले गांव आए थे। उन लोगों ने बताया कि सोनीपत में पैकिंग के काम में 10-12 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। यह जानकर बबीता अपने मौसी के लड़के उसकी पत्नी और गांव की गुंजन संग सोनीपत चली गई। सोनीपत में बबीता किराए का कमरा लेकर अकेले रहती थी।

उसके पिता रामजतन राम व मां रूमाली देवी घर रहते हैं। खेती-बाड़ी के नाम पर सिर्फ एक बिस्वा खेत है। तीन बहन और दो भाइयों में बड़ा भाई दिलीप लुधियाना में नौकरी करता है। उसकी पत्नी मीरा आजमगढ़ स्टेडियम में रसोईया है। बबीता ने गांव से इंटरमीडिएट तक पढ़ाई के बाद स्नातक की शिक्षा अवध विश्वविद्यालय से ली। इस घटना में बबीता का नाम आने से परिवारीजन हैरान, परेशान हैं।

आजमगढ़ के एसएसपी डा. अनिल कुमार के अनुसार स्थानीय पुलिस मुंबई-दिल्ली पुलिस के संपर्क में है। फिलहाल जांच में पता चल रहा कि बबीता का उपयोग घटना में कैरियर के तौर पर किया गया। हथियार कहां से गए हैं, इसकी जांच पुलिस कर रही है। उधर, सीतापुर के नैमिषारण्य थाना क्षेत्र के नहवइया गांव की राधा के बारे में पता चला कि आठ वर्ष पहले वह पति को छोड़कर बेटे के साथ अपने मायके इसी जिले के मिश्रिख थाना क्षेत्र के करमसेपुर गांव चली गई थी।

राधा के पति सुनील का आरोप है कि वह बेटे को लेकर कानपुर निवासी अपने मौसेरे भाई के साथ चली गई थी। टाइगर पर हमले की जानकारी सामने आने के बाद नैमिषारण्य और मिश्रिख पुलिस राधा की ससुराल और मायके पहुंची। वर्ष 2017 में राधा ने सुनील के खिलाफ मारपीट और दहेज उत्पीड़न का मुकदमा मिश्रिख कोतवाली में दर्ज कराया था।

राधा की मां मैना ने बताया कि पति खाना-खर्चा नहीं देता था, इसलिए उनकी बेटी वर्ष 2025 में कमाई करने हरियाणा गई थी। हालांकि मां को नहीं पता था कि राधा किस फैक्ट्री में और क्या काम करती थी। मां के अनुसार आखिरी बार राधा से उसकी सोमवार शाम वीडियो काल पर बात हुई थी। उस समय राधा के साथ एक अन्य युवती भी बैठी दिखी थी। इसके बाद से उसका मोबाइल बंद है।

 

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button