
भोपाल
प्रदेश में जल संरक्षण को एक जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए ऐतिहासिक "जल गंगा संवर्धन अभियान-2026" का 25 जून से 30 जून 2026 की अवधि में प्रदेश में समारोहपूर्वक समापन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में वर्ष प्रतिपदा (19 मार्च 2026) को प्रारंभ हुए इस अभियान के तहत प्रदेश में जल संरक्षण और संवर्धन के अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। इस व्यापक जन-आंदोलन के दौरान ग्रामीण, नगरीय, वन, सिंचाई, शिक्षा और औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग 10,514 करोड़ रुपये की लागत से 3.62 लाख से अधिक कार्यों का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया गया है। इसके अंतर्गत खेत तालाब, कूप रिचार्ज, अमृत सरोवर, चेकडेम, जलाशयों के जीर्णोद्धार, नालों की सफाई, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और नदी पुनर्जीवन जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण कर प्रदेश को जल संसाधनों से समृद्ध बनाया गया है।
अभियान की उपलब्धियों को जन-सामान्य के समक्ष लाने और जन-सहभागिता का सम्मान करने के उद्देश्य से 25 से 30 जून के बीच राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष समापन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजनों के दौरान विशेष ग्राम सभाएं बुलाई जाएंगी, जिनमें निष्पादित कार्यों, उपलब्धियों और लाभान्वित परिवारों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण देने के साथ जल संरचनाओं पर आधारित प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। सभाओं में मुख्यमंत्री के प्रेरणादायी संदेश का वाचन कर जल संरक्षण के संकल्प को दोहराया जाएगा। साथ ही, जनप्रतिनिधियों द्वारा महत्वपूर्ण जल संरचनाओं का लोकार्पण कराया जाएगा और खेत तालाब जैसी व्यक्तिगत संरचनाएं संबंधित हितग्राहियों को औपचारिक रूप से हस्तांतरित की जाएंगी। इस अवसर पर जन-सहभागिता, श्रमदान और नवाचार के माध्यम से उत्कृष्ट योगदान देने वाले नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों, जलदूतों, पंचायत प्रतिनिधियों और शासकीय कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा तथा सामुदायिक जल संरचनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को इनके रख-रखाव एवं जल के विवेकपूर्ण उपयोग की शपथ दिलाई जाएगी।
समापन कार्यक्रमों में न केवल पिछले कार्यों की समीक्षा की जाएगी, बल्कि आगामी प्राथमिकताओं और भावी योजनाओं पर भी विशेष चर्चा होगी। इसके तहत 01 जुलाई 2026 से प्रारंभ होने वाले "विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)" (VB – GRAM G) के विभिन्न आयामों और लाभों के संबंध में बड़े पैमाने पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, आगामी मानसून ऋतु में व्यापक पौध-रोपण के लिए 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत जनसहभागिता सुनिश्चित करने तथा पूर्व में किए गए पौध-रोपण की समीक्षा की जाएगी, और किसानों के साथ खरीफ-2026 की तैयारियों तथा भावी कृषि कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा होगी। शासन के निर्देशानुसार इन कार्यक्रमों में जिलों के प्रभारी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, जिला व जनपद पंचायत प्रतिनिधियों तथा अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।






