मध्यप्रदेश

मंदिर की चोरी का मामला: मां शारदा के छत्र और सोने के नथ हुए गायब

मैहर

मध्य प्रदेश की विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी मैहर में मां शारदा मंदिर में चढ़ावे को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिसके बाद हड़कंप मच गया। जबलपुर के एक श्रद्धालु ने आरोप लगाया है कि उसकी ओर से माता को अर्पित किया गया 2 किलो चांदी का छत्र और एक सोने की नथ मंदिर के खजाने (कोषालय) में जमा ही नहीं की गई। इस कथित चोरी को लेकर जब श्रद्धालु ने कलेक्टर से शिकायत की, तो जिला प्रशासन ने मंदिर के प्रधान पुजारी को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया। यह नोटिस अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे मंदिर के प्रबंधन और भक्तों की आस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

क्या है पूरा मामला?

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दरअसल यह पूरी घटना 22 अक्टूबर 2025 की बताई जा रही है। जब जबलपुर निवासी व्यवसायी संजय पटेल ने सायंकाल आरती से पहले 2 किलो चांदी का छत्र, चांदी का मुकुट और एक सोने की नथ मां शारदा को अर्पित करने के लिए वहां मौजूद पुजारी सुमित महाराज को दी थी। श्रद्धालु का आरोप है कि उन्हें दान की कोई रसीद नहीं दी गई। जब एक हफ्ते बाद 30 अक्टूबर को उन्होंने इस बारे में कलेक्टर मैहर से मौखिक शिकायत की, तो प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह कीमती चढ़ावा मंदिर समिति के खजाने में जमा ही नहीं हुआ था। कलेक्टर को की गई शिकायत के बाद, प्रशासन ने मंदिर के प्रधान पुजारी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि जवाब न मिलने या असंतोषजनक जवाब देने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुजारी ने कहा- "यह साजिश है"

मामला तूल पकड़ने और नोटिस वायरल होने के बाद, मंदिर के प्रधान पुजारी पवन महाराज ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने इन आरोपों को मंदिर को बदनाम करने की साजिश बताया है। प्रधान पुजारी पवन महाराज ने बताया कि दानदाता संजय पटेल ने खुद ही यह मिन्नत की थी कि उनकी ओर से अर्पित छत्र और नथ को एक हफ्ते तक माता के पास ही रखा जाए। उन्होंने दावा किया कि दानदाता की इच्छानुसार, 28 अक्टूबर को यह सारा कीमती सामान विधिवत कोषालय में जमा किया जा चुका है और अब साजिशन इस मामले को तूल दिया जा रहा है।

मन्दिर कर्मचारी समेत अन्य लोगों को नोटिस

इस पूरे प्रकरण पर मैहर मन्दिर परिसर की प्रशासक एवं एसडीएम दिव्या पटेल ने बताया कि मंदिर समिति को शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई है।एसडीएम ने कहा, "शिकायत की जांच के लिए मंदिर के कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। उनके जवाब प्राप्त हो गए हैं। इन जवाबों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।हालांकि अब देखना यह भी होगा कि प्रशासन जांच के बाद इस पर क्या कार्यवाही करता है।

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