मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश में ओले-बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम, भोपाल में टूटा 5 साल का रिकॉर्ड, गेहूं-चने को 30% नुकसान

भोपाल
प्रदेशभर में मंगलवार को आंधी, बारिश और ओलों के गठजोड़ ने खेत तबाह कर दिए। नर्मदापुरम जिले के 94 से ज्यादा गांव में गेहूं, चने की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। शिवपुरी के 18 से ज्यादा, तो श्योपुर के 7 गांव में ओलों ने फसलें खराब की हैं।
 ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जोरदार बारिश की चेतावनी जारी की है। IMD की मानें तो मध्य प्रदेश में ओले-बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। मंगलवार को भोपाल, सीहोर, नर्मदापुरम समेत कई जिलों में बारिश के साथ ओले गिरे। छिंदवाड़ा में तेज बारिश हुई। भोपाल में तेज हवाएं चलीं। मौसम विभाग ने सूबे में बारिश और ओलावृष्टि का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

शहडोल जिले में आकाशीय बिजली की चपेट में आकर दो बच्चों की मौत हो गई। भोपाल के कई इलाकों में तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ गए। छतवई गांव में आदिवासी समुदाय के एक छह वर्षीय लड़के और नौ वर्षीय लड़की की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। दोनों बच्चे एक पेड़ के पास खड़े थे। दोनों लकड़ी चुनने के लिए निकले थे। वहीं शाजापुर जिला मुख्यालय से करीब 10 किमी दूर नैनावद गांव में एक महिला की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई।

विदिशा, भोपाल, रायसेन समेत कई जिलों में ओले पड़े और तूफानी हवाएं चलीं। इससे फसलों को भारी नुकसान की खबर है। मौसम विभाग के भोपाल कार्यालय के एक विज्ञानी ने बताया कि भोपाल में हवा की रफ्तार 74 किलोमीटर प्रति घंटा रही। वहीं सीहोर में हवा की रफ्तार 48 किलोमीटर प्रति घंटा जबकि शाजापुर में 43 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। सिंगरौली में 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। जबलपुर, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नरसिंहपुर समेत 15 जिलों में बूंदाबांदी हुई।

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मौसम विभाग ने प्रदेश के 34 जिलों में 24 घंटे के दौरान ओले और तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक, एमपी में 2 व 3 मार्च तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश के जबलपुर-नर्मदापुरम समेत 10 जिलों में आंधी पानी और ओले पड़ने का ऑरेंज अलर्ट  जारी किया गया है। वहीं भोपाल, सागर, विदिशा, सीहोर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर समेत 24 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। एमपी में तीन मार्च तक मौसम खराब रहेगा। खासकर तीन दिन बारिश का दौर जारी रहेगा।

इस बीच मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में आंधी पानी और ओलावृष्टि से हुए नुकसान पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने फसलों को हुए नुकसान का सर्वे करने के लिए सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि कोई भी किसान जो प्रभावित हुआ है, उसकी मदद की जानी चाहिए। ओले गिरने से खराब हुई फसलों का सर्वे गंभीरता के साथ किया जाना चाहिए। फसलों का सर्वे कराकर किसानों को उचित राहत राशि उपलब्ध कराई जानी चाहिए। सभी मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को भी सर्वे की मॉनिटरिंग करने को कहा गया है।

 

 

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