बिहार

खान सचिव का सख्त निर्देश—229 बालू घाटों की प्रक्रिया जल्द पूरी करें, अवैध खनन पर निगरानी तेज

रांची

 राज्य में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद तीन दर्जन के करीब बालू घाटों का संचालन शुरू नहीं होने के पीछे के कारणों को दूर करने का निर्देश खान सचिव अरवा राजकमल ने दिया है। बालू घाटों का संचालन शुरू नहीं होने के पीछे मुख्य वजह लीज डीड की प्रक्रिया लंबित होना है।

राज्य के 16 जिलों के 229 बालू घाट केवल लीज डीड नहीं होने के कारण अटके हुए हैं। लीज डीड की जिम्मेदारी संबंधित जिलों के डीसी पर है। इनमें से 35 लीज डीड महज उपायुक्त के स्तर से हस्ताक्षर नहीं होने के कारण अटके हुए हैं।

10 जून से पहले लीज डीड की प्रक्रिया पूरी करें
सोमवार को बालू घाटों के संचालन और अवैध खनन की समीक्षा को लेकर आयोजित टास्क फोर्स की ऑनलाइन बैठक में खान सचिव अरवा राजकमल ने सभी डीसी को निर्देश दिया कि वे 10 जून से पहले हर हाल में लीज डीड की प्रक्रिया पूरी कर लें। बैठक में सभी जिलों के डीसी, डीएमओ तथा खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा भी जुड़े थे।

खान सचिव ने कहा कि 10 जून से बालू घाटों से बालू निकासी पर एनजीटी की रोक प्रभावी हो जाती है। ऐसे में उससे पहले लंबित सभी घाटों का लीज डीड पूरा कर संचालन शुरू करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि नया लीज डीड ड्राफ्ट भी जारी कर दिया गया है, जिससे प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।

अवैध खनन पर सख्ती के निर्देश
बैठक में सचिव ने अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक और विभिन्न विभागों के समन्वय से काम किया जाये।

उन्होंने बताया कि लघु खनिजों के अवैध खनन की निगरानी के लिए सभी खनन पट्टों की डिजिटल फाइल तैयार की जा रही है। इसके जरिए सैटेलाइट से खनन क्षेत्रों की निगरानी होगी।

इसके साथ ही खान सचिव ने खनन प्रहरी मोबाइल ऐप पर मिलने वाली सूचनाओं की तत्काल जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। संवेदनशील मार्गों पर वाहन ट्रैकिंग सिस्टम, चेकपोस्ट निर्माण और रेलवे साइडिंग व प्रवेश-निकासी बिंदुओं पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी आदेश दिए गये।

बैठक के दौरान खान निदेशक ने कागजी कार्रवाई पूर्ण कर चुके सभी 35 बालू घाटों को जल्द से जल्द शुरू करने का निर्देश दिया। इन 35 बालू घाटों की लीज प्रक्रिया अगले 10 दिनों के अंदर पूरा करने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है।

इन घाटों से संबंधित कागजी कार्रवाई हो चुकी है पूर्ण
    बोकारो : पिछरी -2 बालू घाट, खेटको चलकारी घाट
    दुमका : हरिपुर बालू घाट, छोटाकमती बालू घाट, कटनाई बालू घाट, सिमरा और हरिपुर बालू घाट।
    खूंटी : पांडू बालू घाट, बुधिरोमा बालू घाट
    जामताड़ा : बनखेत बालू घाट
    हजारीबाग : कंदटारी, सांढ़ एम सोनपुरा, बैरिसाल, लंगातू सिकरी, गोसाईं बलिया, चोबदार बलिया
    रांची : चोकसेरेंगे बालू घाट, श्यामनगर, सुंडिल बालू घाट
    गोड्डा : जसमाता बालू घाट-2, राहा बालू घाट, घाट झिलुआ, सनातन बालू घाट
    पूर्वी सिंहभूम : बनकाटा बालू घाट, कोरियामोहन पाल बालू घाट, कोरियामोहन घाट एवं सुवर्णरेखा घाट
    रामगढ़ : सिरका, टोकीसूद-1 एवं पैंकी बालू घाट
    लातेहार : मरमर बालू घाट, राजहर बालू घाट, बाजकुम घाट और तुबेद बालू घाट।

 

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button