
बेटियों के सशक्तिकरण के लिए संकल्पित है राज्य सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
धार जिले के सिरसोदिया में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 400 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे
अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने नव-दंपत्तियों पर पुष्पवर्षा कर दिया आशीर्वाद
धार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश की बेटियों के सशक्तिकरण और उनके उज्जवल भविष्य के लिए पूरी तरह संकल्पित है। सामूहिक विवाह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए संबल और सहयोग के जीवंत प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर धार जिले के ग्राम सिरसोदिया में 'मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना' के अंतर्गत आयोजित भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
सांस्कृतिक महत्व और सामाजिक आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले की यह पावन धरा भगवान कृष्ण एवं माता रुक्मणी की ऐतिहासिक स्मृतियों से जुड़ी है, जिससे इस मांगलिक आयोजन का महत्व और अधिक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि विवाह हमारी गौरवशाली संस्कृति की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी और समाज का आधार है। प्रदेश सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के साथ एक सच्चे मित्र की तरह हमेशा खड़ी है।
अभिभावक के रूप में निभाई भूमिका
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं अभिभावक का दायित्व निभाते हुए सभी 400 नव-विवाहित जोड़ों पर पुष्पवर्षा की और उन्हें सुखद एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेरा यह सौभाग्य है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से बेटियों के विवाह में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ। भारतीय संस्कृति में विवाह एक श्रेष्ठ और पवित्र संस्कार है यह 16 संस्कारों में सबसे महत्वपूर्ण है जिसे "पाणिग्रहण संस्कार"भी कहा जाता है। सरकार की इस योजना के माध्यम से उन सभी गरीब अभिभावकों की इस चिंता को खत्म किया है।जिससे वे बेटियों की शादी को बोझ नहीं वरदान समझे।
इस योजना के माध्यम से गरीब, जरूरतमंद, निराश्रित परिवारों को उनकी बेटियों की शादी के लिए वित्तीय सहायता की जाती है। नवविवाहित जोड़ों को 49 हजार रूपए की राशि का अर्थिक सहयोग दिया जाता है।
क्षेत्रीय विधायक कालुसिंह ठाकुर, प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि,वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित रहे।






