बिहार

चौंकाने वाला स्कैम Bihar में: बकरी को बकरा बताकर बिक्री, फेविक्विक से फर्जी बदलाव का खुलासा

कटिहार.

अगर आप मटन के शौकीन हैं और बाजार से बकरे का मीट खरीदते हैं तो यह खबर आपके होश उड़ा देगी। फलका हाट-बाजार में इन दिनों जालसाजी का एक ऐसा अनोखा तरीका सामने आया है, जिसे सुनकर लोग दंग हैं। यह नहीं कहा जा सकता है यह तरीका सिर्फ फलका तक ही सीमित है।

वैसे फलका के कुछ शातिर कसाई फेविक्विक का इस्तेमाल कर ग्राहकों की आखों में धूल झोंक रहे हैं और 800 रुपये प्रति किलो की दर से बकरी को बकरा का मांस बनाकर बेच रहे हैं।

कैसे हो रहा है फेविक्विक का कमाल
बाजार में बकरे (खस्सी) के मांस की मांग और कीमत ज्यादा होती है। इसी का फायदा उठाने के लिए जालसाज कसाई बूढ़ी बकरियों को काटते हैं और फिर फेविक्विक की मदद से उनके शरीर पर कृत्रिम तरीके से अंडकोष (हाइड्रोसिल) चिपका देते हैं। दूर से देखने पर ग्राहक को लगता है कि वह बकरे का मांस खरीद रहा है, जबकि असल में वह घटिया दर्जे का बकरी का मीट होता है।

पकड़ी गई चोरी, बाजार में मचा हंगामा
इस ठगी का खुलासा तब हुआ जब कुछ जागरूक ग्राहकों ने मांस खरीदते समय संदेह होने पर उसे खींचकर देखा। फेविक्विक से चिपकाया गया हिस्सा अलग होते ही कसाई की पोल खुल गई। बताया जा रहा है कि फलका हाट व बाजार में इस बात को लेकर कई बार ग्राहकों और बुचर (कसाई) समाज के बीच तीखी झड़प और विवाद भी हो चुका है।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ठगी के इस नए तरीके से मटन प्रेमियों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने फलका प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग से मांग की है कि ऐसे कसाइयों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और दुकानों की औचक जांच की जाए।

स्वास्थ्य के लिए हानिकारक
फलका सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डा अश्वनी कुमार ने बताया कि मांस जैसे खाद्य पदार्थ पर फेविक्विक जैसे घातक केमिकल का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। यह पेट की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

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