
भोपाल
मध्यप्रदेश पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट की घड़ी में नागरिकों की जान बचाने और उन्हें सुरक्षित सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी सदैव तत्पर है। छतरपुर और सीधी जिलों में पुलिस की त्वरित, साहसिक एवं मानवीय कार्रवाई ने दो अलग-अलग घटनाओं में नागरिकों की जान बचाकर पुलिस के संवेदनशील मानवीय चेहरे को सामने रखा।
सीधी में आरक्षक ने दरवाजा तोड़कर बचाई 60 वर्षीय व्यक्ति की जान
सीधी जिले के ग्राम कोनिया में एक व्यक्ति द्वारा घर के अंदर फांसी लगाने का प्रयास किए जाने की सूचना डायल-112 ड्यूटी में तैनात आरक्षक रविंद्र सिंह को मिली। सूचना मिलते ही वे तत्काल मौके पर पहुंचे। कई बार आवाज देने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर आरक्षक ने बिना समय गंवाए दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया और 60 वर्षीय रामकरण साकेत को फांसी लगाने के प्रयास से सुरक्षित नीचे उतारकर उनकी जान बचाई।
घटना के बाद चौकी खड्डी में चौकी प्रभारी सउनि नीरज कुमार द्वारा उनकी काउंसलिंग की गई। बातचीत में पति-पत्नी के आपसी विवाद के कारण व्यक्ति द्वारा यह कदम उठाने की बात सामने आई। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर विवाद का समाधान कराया।
आरक्षक रविंद्र सिंह की त्वरित निर्णय क्षमता, साहस, कर्तव्यनिष्ठा एवं मानवीय संवेदनशीलता की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक सीधी संतोष कोरी ने उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
छतरपुर में पलटे ई-रिक्शा से यात्रियों का किया सुरक्षित रेस्क्यू
छतरपुर जिले के थाना किशनगढ़ क्षेत्र अंतर्गत जटाशंकर रोड पर रात्रि में यात्रियों से भरा ई-रिक्शा अचानक पलट गया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी किशनगढ़ उप निरीक्षक कमलजीत सिंह मावई एवं कूपी चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक जगदीश शिवहरे पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे।
स्थिति बेहद संवेदनशील थी। दुर्घटनाग्रस्त ई-रिक्शा के नीचे एक बच्चा गहराई में दबा हुआ था, जबकि अन्य यात्री भी वाहन में फंसे हुए थे। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए साहस, सूझबूझ और तत्परता से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। सबसे पहले बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला गया, इसके बाद ई-रिक्शा में फंसे सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस ने यात्रियों के लिए जटाशंकर धाम तक सुरक्षित पहुंचने की भी व्यवस्था की। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय नागरिकों एवं यात्रियों ने सराहना की।
मध्यप्रदेश पुलिस — कानून की रक्षा के साथ मानव जीवन की सुरक्षा और सहायता के लिए सदैव तत्पर।






