उत्तर प्रदेश

राम की पैड़ी सरयू नदी के किनारे स्थित घाटों की एक श्रृंखला है, पुरातन अयोध्या के साथ ही नव्य अयोध्या के वैभव का भी सबसे अहम पड़ाव

अयोध्या
राम की पैड़ी पुरातन अयोध्या के साथ ही नव्य अयोध्या के वैभव का भी सबसे अहम पड़ाव है। यह श्रद्धा का केंद्र तो है ही, साथ ही नदी किनारे सुकून से परिवार संग सांस्कृतिक कार्यक्रम देखते हुए वक्त बिताने का मनोरम स्पॉट भी है। यहां आर्टिफिशियल चैनल के जरिए सरयू नदी का पानी लाया गया है तथा यह हेरिटेज सिटी के तौर पर अयोध्या के खोए वैभव को साकार करने की दिशा में सकारात्मक माध्यम बनकर उभरा है।

यूपी सरकार ने 105.65 करोड़ रुपए के विभिन्न जीर्णोद्धार व विकास कार्यों को पूरा कर नव्य आभा व भव्य स्वरूप से राम की पैड़ी को सुशोभित किया है। राम की पैड़ी सरयू नदी के किनारे स्थित घाटों की एक श्रृंखला है। यहां को लेकर ऐसी पौराणिक मान्यता है कि श्रीराम इसी पैड़ी से होकर सरयू में स्नान करने जाते थे।

कहा जाता है कि एक बार जब लक्ष्मण जी ने सभी तीर्थों के दर्शन करने का मन बनाया तो श्रीराम ने अयोध्या में सरयू किनारे तट पर खड़े होकर कहा कि जो व्यक्ति सूर्योदय से पूर्व इस स्थल पर सरयू नदी में स्नान करेगा, उसे समस्त तीर्थ में दर्शन करने के समान पुण्य प्राप्त होगा।

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माना जाता है कि सरयू के जिस तट पर श्रीराम ने ये बात कही, वही आज राम की पैड़ी के नाम से प्रसिद्ध है। यही वजह है कि पूर्णिमा पर यहां स्नान का विशेष महत्व है और यहां स्नान करने वाले को सभी तीर्थों का पुण्य मिल जाता है। अयोध्या को उसके पुरातन स्वरूप प्रदान करने के लिए सीएम योगी ने संकल्प लिया तो राम की पैड़ी अपने वास्तविक भव्य व अलौकिक स्वरूप में संवर उठी।

इतना ही नहीं, अयोध्या के पुरातन मंदिरों में शुमार नागेश्वर नाथ मंदिर, चंद्रहरि मंदिर, विष्णु हरि मंदिर व सरयू मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी भारी वृद्धि हुई है। श्री चंद्रहरि महादेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामीकृष्णकान्ताचार्य ने इस विषय में बताया कि राम की पैड़ी का जो भव्य सौंदर्यीकरण योगी सरकार द्वारा किया गया है, वह न केवल अनुकरणीय है बल्कि इसमें पुराणों में उल्लेखित राम की पैड़ी के स्वरूप का भी ध्यान रखा गया है। उनके अनुसार, सीएम योगी के इतर कोई भी अन्य मुख्यमंत्री सपने में भी राम की पैड़ी व अयोध्या के जीर्णोद्धार को इतने भव्य स्वरूप में पूर्ण नहीं कर सकता था।

एक अधिकारी ने बताया कि राम की पैड़ी पर 24.81 करोड़ रुपये की लागत से पंप हाउस का रीकंस्ट्रक्शन कर आर्टिफिशियल चैनल में जलस्तर को बनाए रखने में मदद मिली। चैनल री-कंस्ट्रक्शन 56.03 करोड़ रुपए के जरिए पार्ट बी री-कंस्ट्रक्शन ऑफ चैनल प्रक्रिया को पूर्ण किया गया। इसके जरिए पूरे चैनल में कई बैराज बनाए गए जिनके जरिए जलस्तर को बरकरार रखने में मदद मिली।

इसके साथ ही, पक्के घाटों के निर्माण व जीर्णोद्धार प्रक्रिया को भी पूर्ण किया गया। राम की पैड़ी पर दीवारों को म्यूरल आर्ट के जरिए भी सजाया जा रहा है, जिसमें रामायण के प्रसंगों समेत पौराणिक घटनाओं व पात्रों के मनमोहक चित्रण को देख लोग सुखद आश्चर्य से भर उठते हैं। लाइट एंड साउंड शो के लिए भरत व शत्रुघ्न घाट के बीच विशाल प्रोजेक्टर स्क्रीन लगाई गई है, जिसके जरिए एक बार में हजारों लोग भव्य साउंड व लेजर शो का आनंद उठा सकते हैं।

कल्चरल एरिया घाट पर एक विशिष्ट सांस्कृतिक स्थल भी है, जो ओपन एयर थिएटर का कार्य करता है। यहां विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंचन भी 15 जनवरी से 22 जनवरी के मध्य होगा। सोलर विंटेज लाइटिंग राम की पैड़ी पर सोलर पैनल युक्त विक्टोरियन विंटेज थीम्ड आर्क व एलईडी लैंप युक्त लाइटिंग की गई है, जो घाट समेत पूरे पेवमेंट को शानदार लुक देता है।

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