
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में रायपुर जिले में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “प्रोजेक्ट पुनर्जीवन” की शुरुआत की गई है। इस अभिनव अभियान के तहत शहर में पौधों और वृक्षों के प्राकृतिक विकास में बाधा बन रही कंक्रीट संरचनाओं को हटाकर उन्हें पुनर्जीवित करने का कार्य प्रारंभ किया गया है।
हाल ही में रमेन डेका ने पौधों के समुचित विकास को लेकर चिंता व्यक्त की थी। उनके सुझाव और पर्यावरण संरक्षण की भावना को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित पहल करते हुए प्रोजेक्ट पुनर्जीवन का शुभारंभ किया।
अभियान की शुरुआत कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह द्वारा लोकभवन के समीप की गई। इस दौरान पौधों के चारों ओर बनी कंक्रीट परत को हटाकर वहां उपजाऊ मिट्टी डाली गई तथा नियमित सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। विशेषज्ञों के अनुसार पौधों की जड़ों को पर्याप्त हवा, पानी और पोषक तत्व नहीं मिलने से उनका विकास प्रभावित होता है। कंक्रीट हटाने से जड़ों को प्राकृतिक वातावरण मिलेगा और पौधे बेहतर तरीके से विकसित हो सकेंगे।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण और संवर्धन भी उतना ही आवश्यक है। प्रोजेक्ट पुनर्जीवन के माध्यम से शहर के विभिन्न स्थानों पर ऐसे पौधों और वृक्षों की पहचान कर उन्हें नया जीवन देने का प्रयास किया जाएगा।
जिला प्रशासन की इस पहल से न केवल पौधों का स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि शहर की हरियाली भी बढ़ेगी और पर्यावरण संतुलन को मजबूती मिलेगी। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे अपने आसपास के पौधों और वृक्षों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा हरित रायपुर के निर्माण में सहयोग करें।
प्रोजेक्ट पुनर्जीवन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में रायपुर को और अधिक हरित, सुंदर एवं पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।






