छत्तीसगढ़

कोई भी स्कूल नहीं होना चाहिए एकल शिक्षकीय: कलेक्टर सिन्हा

रायगढ़

जिले का कोई भी स्कूल एकल शिक्षकीय नहीं होना चाहिए। जिन स्कूलों में ऐसी स्थिति है वहां तत्काल दूसरे शिक्षकों की व्यवस्था करें। स्कूल प्रारंभ होने के पश्चात यह शिकायत नहीं आनी चाहिए। उक्त बातें कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने आज शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कही। कलेक्टर श्री सिन्हा ने जिला शिक्षा अधिकारी से कहा कि जिले के ऐसे स्कूल जो एकल शिक्षकीय है, उन्हें चिन्हांकित करें तथा वहां अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था करें। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री जितेन्दर यादव भी उपस्थित रहे।

बैठक में कलेक्टर श्री सिन्हा ने अनुविभागवार स्कूल निर्माण कार्यों की समीक्षा की। काम के धीमे स्पीड को लेकर उन्होंने ईई आरईएस पर गहरी नाराजगी जतायी। उन्होंने कहा कि मैन पॉवर बढ़ाकर स्कूलों का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा करवायें। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त तक सारे कार्य पूर्ण कर कर लिए जाएं। गौरतलब है कि जिले के डेढ़ हजार से अधिक स्कूलों में लगभग 130 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य चल रहे हैं। इन स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के साथ आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कक्ष का निर्माण भी किया जा रहा है।

बैठक के दौरान काम के क्वालिटी को लेकर कलेक्टर श्री सिन्हा ने कहा कि बच्चों से जुड़े काम में कही गुणवत्ता की शिकायत नहीं आनी चाहिए। काम में कही भी कोताही मिली तो संबंधित के ऊपर सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने सभी एसडीएम से बारी-बारी उनके अनुविभाग में चल रहे कामों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने सभी एसडीएम को उनके क्षेत्र के बीईओ एवं प्रिसींपल की मीटिंग लेकर उनके स्कूलों में चल रहे कार्य की समीक्षा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिन्हा ने स्वामी आत्मानंद स्कूलों के निर्माण के संबंध में ईई पीडब्ल्यूडी से जानकारी ली व काम में तेजी लाने के लिए कहा।

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