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मुहर्रम को लेकर पुलिस केंद्र गिरिडीह परिसर में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन

गिरिडीह

आज देश भर में मुहर्रम मनाया जा रहा है। दुनिया भर के मुसलमान कर्बला की जंग को याद कर रहे हैं। वहीं, मुहर्रम को लेकर गिरिडीह पुलिस अलर्ट मोड पर है।

बीते शनिवार को पुलिस केंद्र गिरिडीह परिसर में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान एसपी ने पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों को मुहर्रम के दौरान उत्पन्न संभावित स्थिति, उपद्रवियों से निपटने एवं भीड़ नियंत्रण से जुड़ी रणनीतियों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही दंगा नियंत्रण से जुड़े आग्नेयास्त्र और उपकरणों के उपयोग का अभ्यास कराया गया।

एसपी ने उपस्थित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्व के दौरान प्रत्येक क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जाए, साथ ही किसी भी अफवाह या विवाद की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वहीं, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुहर्रम के अवसर पर हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद व नमन किया है। सीएम हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि हजरत इमाम हुसैन साहब की शहादत मानव जाति को भाईचारे का संदेश देता है, जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने आगे कहा कि हजरत इमाम हुसैन साहब की शहादत को नमन।

बता दें कि इस्लामी कैलेंडर की शुरुआत मुहर्रम महीने से होती है, जिसे सबसे पाक महीनों में गिना जाता है। इस माह की खास बात यह है कि इसे सब्र, कुर्बानी और सच्चाई की मिसाल के रूप में याद किया जाता है। इस महीने में रोजा रखने का भी खास महत्व है। माना जाता है कि रमजान के बाद सबसे पुण्य फल मुहर्रम के रोज़े का ही होता है। मुहर्रम की 10वीं तारीख को यौमे-ए-आशूरा कहा जाता है, जो बेहद अहम दिन होता है। इसी दिन हज़रत इमाम हुसैन ने हक और इंसाफ के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी। उनकी यह कुर्बानी आज भी इंसानियत, सब्र और ईमानदारी की मिसाल बनी हुई है।

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