बिहार

रांची में कोयला वेतन Agreement के लिए बुलाई गई बैठक, बोनस सहित इन मुद्दों पर होगा मंथन

धनबाद
 कोयला वेतन समझौता-11 को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट के फैसले ने श्रमिकों में हड़कंप मचा दिया है। स्थिति यह है कि कोयला अधिकारियों व श्रमिकों के बीच दूरियां बढ़ गई है।

दरअसल, कोयला अधिकारियों ने ही कोयला वेतन समझौता 11 से उत्पन्न वेतन विसंगति को लेकर याचिका दायर की है। कोयला वेतन समझौता 11 से श्रमिकों को बढ़े हुए वेतन का लाभ मिल रहा। कोल इंडिया में 2.31 लाख कोयला मजदूरों को इस वेतन समझौते से फायदा हो रहा है।

अब देखना होगा कि इस मामले को लेकर आगे की क्या रणनीति होगी। केंद्रीय पांचों श्रम संगठन की रांची में 14 सितंबर को बैठक बुलाई गई है। बैठक में कोयला वेतन समझौता में बैठने वाले बीएमएस, एटक, इंटक, एचएमएस और सीटू के जेबीसीसीआई के सदस्य शामिल होंगे।

बैठक में कोयला श्रमिकों को मिलने वाले बोनस को लेकर भी विचार विमर्श होगा। बता दें कि पिछली बार कोयला मजदूरों को 76500 रुपये बोनस मिला था। नवरात्र शुरू होने में करीब 35 दिन शेष बचा है।

 वहीं, जेबीसीसीआई सदस्य रमेंद्र कुमार ने कहा कि रांची में पांचों केंद्रीय यूनियन की बैठक बुलाई गई है। इसमें कोयला सेक्टर के मजदूरों की स्थिति को लेकर विस्तार से विचार कर आगे रणनीति तय की जाएगी। कोयला मजदूरों को एकजुटता बनाए रखने की जरूरत है। एकता में बड़ी ताकत है।

इसके अलावा जेबीसीसीआई सदस्य, एसक्यू जामा ने कहा कि कोल इंडिया प्रबंधन को इस पर गंभीरता बरतने की जरूरत है। रांची में होने वाली बैठक में आपस में तय कर निर्णय लिया जाएगा। कोयला वेतन समझौता के हर मुद्दों पर विस्तार से विचार किया जाएगा।

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button