छत्तीसगढ़

व्याख्याता के भतीजे ने दूसरे विद्यार्थी के ऊपर डाला एसिड, बुरी तरह झुलसा छात्र

तखतपुर

बिलासपुर जिले के स्वामी आत्मानंद स्कूल तखतपुर में एसिड अटैक का मामला सामने आया है. यहां प्रैक्टिकल के दौरान एक छात्र ने दूसरे छात्र पर एसिड डाल दिया. इससे छात्र बुरी तरह झुलस गया. इस मामले में स्कूल प्रबंधन की घोर लापरवाही सामने आई है. शिक्षकों ने घायल छात्र को अस्पताल ले जाने की बजाय स्कूल से छुट्टी दे दी. घर आने के बाद पालक घायल छात्र को अस्पताल लेकर पहुंचे. एसिड से जल जाने के कारण छात्र के गर्दन और पीठ पर फफोले पड़ गए हैं. वहीं इस मामले में स्कूल प्रबंधन ने एसिड डालने वाले विद्यार्थी को 20 तारीख तक के लिए स्कूल से निष्कासित कर दिया है.

जानकारी के अनुसार स्वामी आत्मानंद स्कूल के कक्षा 11 के विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को रसायन शास्त्र का प्रैक्टिकल कराया जा रहा था. इसी बीच स्कूल के ही एक व्याख्याता के भतीजे ने दूसरे विद्यार्थी के ऊपर एसिड डाल दिया. इससे विद्यार्थी बुरी तरह झुलस गया. एसिड की जलन से विद्यार्थी जोर-जोर से चीखता रहा. उसकी चीख सुनकर विषय शिक्षक और अन्य स्टाफ पहुंचे और विद्यार्थी को छुट्टी दे दी. बाद में पालक ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाकर उपचार कराया.

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इस मामले में एसिड से झुलसे विद्यार्थी के पिता पंकज भारती बेनेट ने बताया कि मेरे बच्चे के ऊपर विद्यालय के ही एक व्याख्याता के भतीजे ने जानबूझ कर एसिड डाल दिया. इसकी जानकारी देने और बच्चे का इलाज कराने की बजाय मेरे बेटे और एसिड डालने वाले लड़के को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया. घर आकर मेरे बेटे ने बताया तो उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर उपचार कराया और प्रिंसिपल से शिकायत की. प्रिंसिपल ने पालक को बुलाकर एसिड डालने वाले विद्यार्थी को 20 तारीख तक विद्यालय से निष्कासित करने की बात कही.

शिक्षक को प्रैक्टिकल के समय सावधानी बरतनी चाहिए : प्राचार्य
वहीं इस मामले में स्वामी आत्मानंद स्कूल के प्राचार्य मौसमी रॉबिंसन ने बताया कि 11वीं कक्षा के एक विद्यार्थी के ऊपर ही उसके ही कक्षा के बच्चे ने फिनोल क्रिस्टल डाल दिया था, जिसका रिएक्शन एसिडिक होता है. इससे उसके गर्दन और पीठ में फफोले हो गए हैं. मामला गंभीर है. एसिड डालने वाले छात्र को 20 तारीख तक निष्कासित कर दिया गया है. केमिस्ट्री के टीचर निधि तिवारी को मौखिक रूप से चेतावनी दी गई है कि प्रैक्टिकल करवाते समय सावधानी बरती जाए और लैब में 10 -10 की संख्या में बच्चों को लैब में प्रैक्टिकल कराया जाए.

बीईओ को घटना की जांच के दिए हैं निर्देश : डीईओ
इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी टीआर साहू ने कहा कि बीईओ कामेश्वर बैरागी को घटना की पूरी जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. स्वामी आत्मानंद स्कूल में एसिड डालने का मामला बहुत गंभीर है. अगर उस बच्चे के चेहरे या आंख में पड़ता तो शायद उस बच्चे की आंख की रोशनी जा सकती थी या उसका चेहरा बुरी तरह से झुलस सकता था.

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