उत्तर प्रदेश

चीन से लौटा कोविड पॉजिटिव दिल्‍ली से टैक्‍सी ले सीधे पहुंचा घर, ताजनगरी में बज गई खतरे की घंटी

 आगरा 

ताजनगरी में आखिरकार क्रिसमस के दिन खतरे की घंटी बज गई। चीन से लौटे युवक में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। संक्रमित में कोविड का नया वैरिएंट बीएफ-7 है या नहीं, इसका पता जीनोम सीक्वेंसिंग जांच की रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक, संक्रमित युवक अप्रैल 2020 में चीन के शहर सीसी गया था। सीसी में वह एक मल्टीनेशनल कंपनी में एग्जीक्यूटिव है। शाहगंज में उसके परिवार में 35 साल की पत्नी और 12 साल का बेटा है। नए साल का जश्न मनाने के लिए परिवार में लौटा है। संक्रमित होने का पता चलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम उसके घर पहुंच गई। चूंकि संक्रमित में कोई लक्षण नहीं हैं। इसलिए उसे परिवार समेत 14 दिन के लिए घर में ही आइसोलेट कर दिया है। संक्रमित, उसकी पत्नी और बेटे का नमूने लेकर जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए केजीएमयू लखनऊ भेजे गए हैं।

संपर्क वाले 37 लोगों के नमूने लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिवार के संपर्क में आने वाले 37 लोगों के नमूने लिए हैं। इनमें बच्चे के साथ खेलने वाले दोस्त, घर में आने वाली कालोनी की महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।दूध, सब्जी, किराने वाले आदि के भी नमूने लिए जाएंगे। ऐसे कुल सात लोग हैं। चूंकि युवक चीन से वाया दिल्ली होकर आगरा आ गया। 23 को आगरा लौटने पर वह पत्नी और बच्चों से दूर से मिला। अलग कमरे में रहने लगा। इसी बीच उसने साइंटिफिक लैब से जांच करा ली थी। रिपोर्ट पाजीटिव आई। निजी लैब ने स्वास्थ्य विभाग को खबर कर दी थी। विभाग की टीम एक्शन में आ गई।

शहर में घूम रहे होंगे तमाम संक्रमित
दिल्ली एयरपोर्ट पर जांच नहीं हो रही है। इसका मतलब यह कि बीते 10 दिनों में तमाम संक्रमित आगरा समेत इधर-उधर फैल गए होंगे। कई लोग चीन समेत सभी प्रभावित देशों से लौटने वाले हो सकते हैं। जरूरी नहीं है कि सभी ने जांच कराई होगी। या निजी पैथोलाजी ने विभाग को खबर की होगी। संवेदनशील मसला है।

एक महीने बाद ‘कोविड रिटर्न्स’
अजब संयोग है। इस साल कोविड का आखिरी केस 25 नवंबर को आया था। एक महीने बाद 25 दिसंबर को फिर कोविड की वापसी हो गई। इस साल एक जनवरी से लेकर 25 नवंबर तक वायरस बीच-बीच में दस्तक देता रहा। कुल 13 संक्रमितों की पुष्टि हुई थी। दिसंबर को खाली माना जा रहा था पर हो नहीं सका।

ताजमहल और रेलवे स्टेशन दौड़ा विभाग
युवक के संक्रमित होने की खबर फैलते ही स्वास्थ्य विभाग की कई टीमें बनीं। इन्हें ताजमहल और रेलवे स्टेशन भेजा गया। विदेशी सैलानियों की रेंडम जांच कराई गई। होटलों में जाकर कहा गया कि हर विदेशी पर्यटक की जानकारी दी जाए। सोमवार को टीम एयरपोर्ट जाकर अफसरों से बात करेगी।

इस वैरिएंट में बुखार आना जरूरी नहीं
बीएफ-7 वैरिएंट में बुखार आना कतई जरूरी नहीं है। बल्कि पेट संबंधी दिक्कतें अधिक होती हैं। मसलन डायरिया, उल्टियां, सिरदर्द जैसे लक्षण आते हैं। विदेशों में इसके इलाज में भी ओआरएस का घोल इस्तेमाल किया जा रहा है, इसलिए पेट संबंधी दिक्कत होने पर तत्काल डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

2 मार्च 2020 को आए थे पहले संक्रमित
चीन में कोविड की पहली लहर के बाद आगरा में दो मार्च 2020 को पहले संक्रमित सामने आए थे। कारोबारी परिवार इटली से दिल्ली आया था। वहां जांच के बाद खंदारी स्थित आगरा निवास चला आया। दिल्ली से संक्रमण की पुष्टि होने पर परिवार के पांच सदस्यों को इलाज के लिए दिल्ली भेजा।
 

KhabarBhoomi Desk-1

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button