विदेश

इजरायली सेना अपने किसी भी घोषित उद्देश्य को हासिल करने में बुरी तरह विफल रही – ईरान

तेहरान

ईरान ने एक बार फिर बेहद सख्त लहजे में इजरायल को धमकी दी है। गाजा पट्टी में इजरायल की सैन्य कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि उसके लिए आने वाले दिन बहुत भयावह होने वाले हैं। ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियन ने कहा कि गाजा पट्टी में इजरायली शासन के हमलों का हमास और फिलिस्तीनियों ने लगातार मुकाबला किया है। फिलीस्तीन की जमीन पर इजरायल के सामने जो रहा प्रतिरोध उसके लिए युद्ध के मैदान की स्थिति को लगातार खराब कर रहा है। जो उसके लिए आने वाले समय में और भी बदतर होगा।

हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियन ने कतर के विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी के साथ एक फोन कॉल में कहा, गाजा पट्टी में प्रतिरोधी ताकतों ने अब तक इजरायल की आक्रामकता का एक शक्तिशाली प्रतिक्रिया के साथ सामना किया है। इस जंग की जो मौजूदा प्रवृत्ति है, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि आने वाले दिन इजरायली बलों के लिए भयावह होने वाले हैं। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि दो महीने की लड़ाई में इजरायल को गाजा में कुछ भी हासिल नहीं हो सका है। उसने सिर्फ अस्पतालों और आम रिहाइशी इमारतों को ही तबाह किया है।

 

हमास ने भी किया है जीत का ऐलान

अब्दुल्लाहियन का ये बयान हमास की उस घोषणा के एक दिन बाद आई है, जिसमें उसने कहा है कि वह इजरायली हमले से निपटने के लिए बड़ी योजना पर काम कर रहा है। हमास के नेशनल रिलेशंस अब्रॉड के चीफ अली बराका ने लेबनान की अल-अहेद समाचार वेबसाइट के साथ एक बातचीत में कहा, इजरायली सेना अपने किसी भी घोषित उद्देश्य को हासिल करने में बुरी तरह विफल रही है। उनकी ओर से हमास का विनाश और इजरायली बंदियों की रिहाई की बात की गई थी, इसमें वह पूरी तरह से असफल रहे हैं। गाजा से फिलिस्तीनियों का स्थायी विस्थापन भी वह नहीं कर पाए हैं। इस जंग में इजरायल अब पिछड़ रहा है और हमें यकीन है कि हम इस युद्ध से विजयी होंगे।

इजरायल और हमास के बीच गाजा पट्टी में 7 अक्टूबर से लड़ाई चल रही है। हमास की ओर से दक्षिण इजरायल में किए हमले के जवाब में इजरायली सेना लगातार गाजा पट्टी में हमले कर रही है। एक तरफ इजरायल का कहना है कि वह हमास के ठिकानों को निशाना बनाते हुए कार्रवाई कर रहा है तो वहीं हमास ने इजरायल पर युद्ध अपराधों और नरसंहार के आरोप लगाए हैं। हमास ने कहा है कि गाजा पट्टी में इजरायली बमबारी में सबसे ज्यादा बच्चे और महिलाएं मारी जा रही हैं, जिसे किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता है।

अब्दुल्लाहियन ने कहा, ‘अमेरिकी सेना का इसराइल की मदद करना सबूत है कि ग़ज़ा में जारी संघर्ष अमेरिका की ओर से इसराइल द्वारा परोक्ष रूप से की जा रही जंग है।’ इससे पहले रविवार को इसराइल ने पड़ोस के सीरिया में, जहां ईरान की सेना की मौजूदगी है, दमिश्क और अलेप्पो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइल से हमला किया। सीरियाई सरकारी मीडिया के अनुसार इस हमले में कम से कम दो श्रमिकों की मौत हो गई। रनवे को नुक़सान पहुंचने के बाद दोनों हवाई अड्डों का इस्तेमाल बंद हो गया है।

इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने ईरान को चेतावनी दी है कि इसराइल और हमास के बीच जारी संघर्ष को किसी भी तरह से बढ़ावा न दे। संघर्ष का दायरा बढ़ने की आशंका जताते हुए उन्होंने कहा कि हिज़बुल्लाह या हमास जैसे ईरान के परोक्ष सहयोगी जंग को बढ़ा सकते हैं। लेबनान के चरमपंथी संगठन हिज़्बुल्लाह और दो हफ़्ते पहले इसराइल पर हमला करने वाले हमास, दोनों संगठनों को ईरान का समर्थन मिला हुआ है। ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका हर संभव क़दम उठा रहा है ताकि इसराइली और अमेरिकी नागरिकों की रक्षा कर सकें।

दरअसल, हाल के दिनों में इराक़ में अमेरिका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेनाओं के ठिकानों पर ड्रोन और रॉकेट से हमले हुए हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने भी आगाह किया है कि अमेरिकी सैनिकों और नागरिकों पर हमलों की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने एबीसी नेटवर्क के ‘दिस वीक’ कार्यक्रम में कहा, ‘अगर कोई समूह या कोई देश इस संघर्ष का दायरा बढ़ाना चाहता है और इस दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति का फ़ायदा उठाना चाहता है तो उसे हमारी सलाह होगी- ऐसा मत करना।’

KhabarBhoomi Desk-1

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button