छत्तीसगढ़

आयुर्वेद कॉलेजों के अस्पतालों को एनएबीएच सर्टिफाइड होना आवश्यक: गांधी

रायपुर

संचालनालय आयुष छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर एवं बिलासपुर से संबद्ध अस्पतालों को एनएबीएच प्रमाणीकरण के लिए वहां के शिक्षकों, चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित करने के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक अकादमी निमोरा में आयोजित किया गया है।

संचालक नम्रता गांधी ने बताया कि भारत सरकार आयुष मंत्रालय के निदेर्शानुसार देश के आयुर्वेद कॉलेजों के अस्पतालों को एनएबीएच सर्टिफाइड होना आवश्यक है ताकि जनसामान्य को गुणवत्तापूर्ण सुगम चिकित्सा सेवा प्राप्त हो सके इसके अलावा महाविद्यालय के छात्रों को भी उच्चस्तरीय चिकित्सकीय शिक्षण और प्रशिक्षण मिल सके। यह प्रशिक्षण नई दिल्ली से आमंत्रित विशेषज्ञ एवं परामर्शदाता डॉ. अनूप निगवेकर एवं डॉ. किरण पंडित द्वारा दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम में शासकीय आयुर्वेद कॉलेज रायपुर के प्राचार्य डॉ. जी.आर. चतुवेर्दी एवं बिलासपुर के प्राचार्य डॉ.आर.पी.गुप्ता, संयुक्त संचालक डॉ.सुनील दास, राष्ट्रीय आयुष मिशन के डॉ. मुकुंद अग्रवाल सहित 54 विषय विभागाध्यक्ष एवं शिक्षक व चिकित्सक गण भाग ले रहे हैं।

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इस कार्यक्रम के तहत विभिन्न सत्रों में प्रशिक्षार्थियों को अस्पताल प्रबंधन में शामिल विभिन्न विषय जैसे ओपीडी व आईपीडी में मरीजों के देखभाल, परामर्श, इमरजेंसी सर्विसेज, नर्सिंग केयर, औषधि वितरण, नैदानिक व्यवस्था, दस्तावेजीकरण, स्वच्छता, सूचना, अग्निशमन, बायोमेडिकल वेस्ट निष्पादन इत्यादि के बारे में जानकारी दी जाएगी जो जनसामान्य और छात्रों के लिए उपयोगी होगा। गौरतलब है कि शासकीय आयुर्वेद कॉलेज रायपुर में 165 बिस्तर क्षमता वाला अस्पताल संचालित है जिसमें 10 ओपीडी, फिजियोथेरेपी, जेरिएट्रिक क्लिनिक आदि की सुविधाएं हैं। अस्पताल के एनएबीएच सर्टिफाइड होने से शहर के साथ राज्य के लोगों को स्तरीय आयुर्वेद चिकित्सा मिल सकेगी वहीं संस्था के शैक्षणिक और शोध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

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