मध्य प्रदेश

क्रिस्प, म.प्र. की ब्लॉकचेन तकनीक से हरियाणा 5 लाख विद्यार्थियों को डिजिटल सर्टिफिकेट देगा

भोपाल.
क्रिस्प, मध्यप्रदेश स्वयं के द्वारा विकसित ब्लॉकचेन तकनीक से हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड को डिजिटल सर्टिफिकेट प्रिंटिंग और ऑनलाइन सत्यापन सेवा प्रदान करेगा। इसके लिये क्रिस्प मध्यप्रदेश और हरियाणा के स्कूल शिक्षा बोर्ड के बीच 22 जून को एग्रीमेंट हुआ। बीएसईएच के अध्यक्ष डॉ. वी.पी. यादव, और क्रिस्प के निदेशक अमोल वैद्य मौजूद रहे। क्रिस्प के प्रबंध निदेशक डॉ. श्रीकांत पाटिल ने बताया कि, “हरियाणा सरकार के साथ अपनी तरह का यह अनोखी पहल है, जिसमें छात्रों की बेहतरी के लिए क्रिस्प द्वारा विकसित ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। भविष्य में हम भारत के विभिन्न राज्यों के साथ भी काम करेंगे। आई. टी. के क्षेत्र में क्रिस्प नित नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। संस्था को केपेबिलिटी मैच्युरिटी इंटीग्रेशन स्तर 5 का प्रमाणन भी प्राप्त है, जिसे आई. टी और ई-गवर्नेंस क्षेत्र में सबसे अच्छा प्रमाणन माना जाता है।

अमोल वैद्य, निदेशक, क्रिस्प ने बताया कि ब्लॉकचेन-आधारित प्रमाणन प्रणाली का उद्देश्य पहचान की चोरी से संबंधित धोखाधड़ी गतिविधियों से बचाव करना और छात्रों को सही प्रमाण-पत्र देना है। क्रिस्प के आई टी प्रमुख संदीप जैन ने बताया कि क्रिस्प मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में भी विभिन्न विभागों को अत्याधुनिक आईटी-सक्षम सेवाएँ प्रदान कर रहा है। उद्देश्य क्रिस्प को कौशल विकास का पर्याय बनाना है।

 क्रिस्प, शिक्षा प्रणाली में ऐसी उन्नत तकनीक लाने के लिए भारत भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के साथ काम कर रहा है। ब्लॉकचेन-आधारित प्रमाणन प्रणाली किसी भी माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में अपनी तरह का पहला कार्यान्वयन है, जो बीएसई हरियाणा द्वारा उम्मीदवार को एक विकेंद्रीकृत मैकेनिज्म के माध्यम से इंडिविजुअल/ विशिष्ट डेटा को सत्यापित करते हुए रिकॉर्ड की प्रामाणिकता प्रदान करेगा।

सेंटर फॉर रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल स्टाफ परफॉर्मेंस (क्रिस्प) प्रशिक्षण, अनुसंधान और कौशल विकास के क्षेत्र में पिछले 27 वर्षों से काम करता आ रहा है। यह संस्थान आईटी क्षेत्र में समाधान भी प्रदान करता है। क्रिस्प, भविष्यवादी प्रौद्योगिकी लैब, ब्लॉकचेन/ एआई/ एमएल/ रोबोटिक ऑटोमेशन और अन्य भविष्य की प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके उन्नत आईटी समाधान विकसित करता आ रहा है।

यह एग्रीमेन्ट दोनों संस्थाओं के बीच 3 साल के लिए हुआ है, जिसमे प्रतिवर्ष 5 लाख से अधिक नियमित और पूरक परीक्षाओं में उत्तीर्ण उम्मीदवारों के सर्टिफिकेट बनाए जाएंगे। सार्वजनिक ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग कर ब्लॉकचेन डिजिटल प्रमाण-पत्र तैयार करने के बाद प्रमाण-पत्र की प्रोसेसिंग की जाएगी। बीएसईएच की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन सत्यापन के लिए छात्रों को एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्रमाण-पत्र भी दिए जाएंगे, जिसमें बोर्ड के पास एन्क्रिप्टेड रिकॉर्ड्स का उपयोग करके रिकॉर्ड की भौतिक प्रतियों की छपाई का भी प्रावधान होगा।

KhabarBhoomi Desk-1

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