मध्यप्रदेश

गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय इस वर्ष किडनी ट्रांसप्लांट और सीटीवीएस सुविधाएं शुरू करने की तैयारी

ग्वालियर

गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना के शनिवार, 1 अगस्त को 80 वर्ष पूरे हो जाएंगे। और, 81 वे वर्ष में प्रवेश करेगा। वर्ष 1946 में महज एक कमरे से शुरू हुआ यह संस्थान आज आधुनिक चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और उपचार का प्रमुख केंद्र बन चुका है। आठ दशकों के इस सफर में जीआरएमसी ने हजारों चिकित्सक तैयार किए हैं, जो देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी सेवाएं देकर संस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं। इस वर्ष किडनी ट्रांसप्लांट और सीटीवीएस सुविधाएं शुरू करने की तैयारी है।
                     
 वर्तमान में जीआरएमसी का परिसर अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। महाविद्यालय में 31 विभाग संचालित हैं तथा पांच आधुनिक स्मार्ट क्लास रूम के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा दी जा रही है। प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में यहां 250 एमबीबीएस, 178 स्नातकोत्तर (पीजी) और 17 सुपर स्पेशलिटी पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है। चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ शोध और विशेषज्ञ उपचार सेवाओं के क्षेत्र में भी संस्थान लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।

इस वर्ष किडनी ट्रांसप्लांट और सीटीवीएस सुविधाएं शुरू करने की तैयारी 
              
 मेडिकल कॉलेज के डीन प्रो. डॉ. आर.के.एस. धाकड़ के अनुसार,  अस्पताल में जल्द ही किडनी ट्रांसप्लांट और कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) की सुविधाएं शुरू करने की तैयारी चल रही है। इन सेवाओं के शुरू होने से ग्वालियर-चंबल संभाग सहित आसपास के लाखों मरीजों को गंभीर उपचार के लिए महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

Related Articles

 

 

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button