देश

QUAD में भारत की सबसे बड़ी ताकत, US के पूर्व मंत्री ने बताया कैसे प्रभावित हुए थे पीएम मोदी से

नई दिल्ली

QUAD यानी चार देशों के समूह में मुख्य भूमिका निभाने का श्रेय भारत को दिया जा रहा है। अमेरिका के पूर्व उप विदेश मंत्री ने बताया है कि इस समूह के पीछे सबसे बड़ी ताकत भारत था। साथ ही उन्होंने चार देशों के बीच साझेदारी बनाने में भारत की भूमिका के बारे में बताया है। इस दौरान उन्होंने भारत के साथ अमेरिका के मौजूदा रिश्तों को लेकर चिंता भी जाहिर की है। क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।

जब बाइडेन ने पीएम मोदी को मनाया
हडसन इंस्टीट्यूट पहुंचे अमेरिका के पूर्व उप विदेश मंत्री कर्ट एम कैम्पबेल ने कहा, 'मैंने जो भी रिपोर्टें देखीं उनके बावजूद, मैं वहां मौजूद था और राष्ट्रपति बाइडन ने एक घंटे से अधिक समय तक काफी हिचकिचा रहे प्रधानमंत्री मोदी को क्वाड के नेता स्तर पर शामिल होने के लिए मनाया। उन्होंने सचमुच उन्हें एक समझौते के लिए इस हद तक राजी किया कि मोदी ने कहा, 'मैं वादा करता हूं कि मैं यह करूंगा, बस आप मुझे बार-बार टोकना बंद करें'…।'

उन्होंने कहा, 'QUAD में पर्दे के पीछे सबसे ज्यादा काम करने वाला देश अमेरिका नहीं था। वह जापान नहीं था। वह ऑस्ट्रेलिया नहीं था। वह भारत था।'

रिश्तों पर जताई चिंता
कैम्पबेल ने भारत के साथ अमेरिका के मौजूदा रिश्तों पर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा, 'यह थोड़ी चिंता की बात है कि आज हमें एक-दूसरे का सम्मान करने जैसी बुनियादी बात याद दिलानी पड़ रही है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि भारत और अमेरिका के रिश्ते इस मोड़ पर आ जाएंगे जहां सम्मान की बात करनी पड़े। लेकिन मैं मानता हूं कि आज हालात ऐसे ही हैं, और मेरा मानना है कि किसी भी रिश्ते को टिकाए रखने के लिए एक-दूसरे का सम्मान करना सबसे जरूरी है।'

ताजा टकराव
रूसी तेल, टैरिफ समेत कई मुद्दों के बाद एक बार फिर भारत और अमेरिका में तनाव देखा जा रहा है। इसकी वजह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पोस्ट है, जिसमें भारत और चीन को नरक जैसी जगह बताया गया है। भारत ने इसपर कड़ी आपत्ति जताई है। हालांकि, अमेरिका ने भी इस मामले में डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की और भारत को महान देश करार दिया था।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हमने टिप्पणियां देखी हैं, साथ ही इसके जवाब में अमेरिकी दूतावास द्वारा जारी किया गया बयान भी देखा है।' उन्होंने कहा, 'ये टिप्पणियां स्पष्ट रूप से अज्ञानतापूर्ण, अनुचित और अभद्र हैं। ये निश्चित रूप से भारत-अमेरिका संबंधों की वास्तविकता को नहीं दिखाती हैं, जो लंबे समय से आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित रहे हैं।'

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button