छत्तीसगढ़

खेत में दवा छिड़काव करने जा रहे किसान की करंट लगने से मौत

जांजगीर-चांपा

जिला मुख्यालय खोखसा गांव के खेत में दवा छिड़काव करने जा रहे एक किसान की करंट लगने से मौत हो गई. किसान के खेत में जाने के रास्ते में लोहे की फेंसिंग तार लगे हैं, जिसके चपेट में आने से जान चली गई. मामले में पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है.

खोखसा गांव की जमीन में भू-माफियाओं का कब्जा हो गया है, आज सुबह जोबी निवासी नरेंद्र कश्यप अपने खेत में दवा छिड़काव करने पंहुचा था और खेत में जाने के लिए जैसे ही लोहे के फेंसिंग तार को छुवा, तभी उसे करंट का झटका लगा और उसकी मौत हो गई. घटना की सूचना मिलने पर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे. जिसके बाद कोतवाली पुलिस को घटना की सूचना दी है. घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है.

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अवैध प्लाटिंग को अधिकारियों का संरक्षण
जांजगीर चांपा जिला मुख्यालय में अवैध प्लाटिंग और बिजली की अवैध मकड़ जाल फैला हुआ है. अवैध बिल्डर किसानों के खेत के सामने की जमीन खरीद कर उस जमीन की लोहे की फेंसिंग तार में घेर कर किसानों के खेत आने-जाने पर रोक लगा दिए हैं. किसानों को अपने खेत में जाने के लिए उस फेंसिंग तार को छू कर खेत में जाना पड़ता है. वहीं अवैध प्लाटिंग में मकान बनाने के लिए खेतों में बांस गड़ा कर ले गए हैं, जिसके कारण कई बार दुर्घटना भी घट चुकी है.

माइनर नहर में किसके इशारे में बना पुल
जिस स्थान में अवैध भवन का निर्माण कार्य चल रहा है. वहां जाने के लिए भू माफिया ने पहले माइनर नहर में बड़ा पुल निर्माण किया और उसी रास्ते को अपने प्लाटिंग स्थल से जोड़ दिया. इसके बाद भी सिचाई विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इस पर कार्रवाई करने के बजाय अनजान बने हैं. खेत में चौड़ा एप्रोच रोड मिलने के बाद खेत भूमि की कीमत बढ़ गई और प्लाटिंग का खेल शुरू हो गया. अब तक चार मकान बन गए हैं. वहीं कई मकान निर्माणाधीन हैं.

500 मीटर से लाया गया बिजली का मकड़ जाल
भू माफियाओं ने ग्राहकों को लुभाने के लिए किसानों के खेत में पहले ही बिजली पंहुचा दी. माइनर नहर के पास लगे खम्भे से बकायदा खेतों में बन रहे भवन के लिए करंट सप्लाई किया गया. बांस और लकड़ी की बल्ली के सहारे बन चुके मकानों और निर्माणाधीन मकान में बिजली सप्लाई किया गया है. इतनी बड़ी लापरवाही के बाद भी बिजली विभाग के अधिकारी इस पर कोई कार्रवाई नहीं करते और भू माफियाओं को मौन समर्थन दे रहे हैं.

फेंसिंग तार में कहा से आया करंट
जिस स्थान में भू माफियाओं ने अवैध प्लाटिंग कर जमीन बेची है उस स्थान में भवन निर्माण भी कर लिया गया है. खोखसा गांव के खेती जमीन में मकान बनाने के लिए किसी से अनुमति भी नहीं ली और बांस का खम्भा बना कर उसी से करंट तार लाया था. तार झोपड़ी नुमा मकान में जाने से पहले खेत में लगे फेंसिंग तार से टच हो गया था और लोहे के तार से रगड़ा कर करंट वाला तार छिल गया और पूरे फेंसिंग तार में करंट फैल गया था, जो भी किसान या मवेशी फेंसिंग तार के चपेट मे आता वह भी करंट की चपेट मे आने से काल के गाल मे समा जाता.

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