
गाजियाबाद
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद बिजली उपभोक्ताओं की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। खासतौर पर सोलर पैनल लगाने वाले उपभोक्ता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। लाखों रुपये खर्च कर सोलर सिस्टम लगवाने के बावजूद अब उन्हें हजारों रुपये के बिजली बिल चुकाने पड़ रहे हैं। इस स्थिति ने उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
सोलर यूनिट का नहीं हो रहा समायोजन
पहले की व्यवस्था में सोलर पैनल से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली यूनिट को अगले महीने के बिल में समायोजित कर दिया जाता था। यदि किसी उपभोक्ता ने रोजाना 5 यूनिट बिजली उत्पन्न की और खपत 3 यूनिट रही, तो बिल शून्य आता था और बची हुई 2 यूनिट अगले महीने में जोड़ दी जाती थी। लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। अब उपभोक्ताओं को पूरी खपत का बिल देना पड़ रहा है, चाहे उनके पास अतिरिक्त सोलर यूनिट ही क्यों न हो।
तकनीकी खामियों ने बढ़ाई परेशानी
जिले में अब तक 5820 से अधिक उपभोक्ताओं ने सोलर पैनल लगवाए हैं। इनमें से करीब 3000 उपभोक्ता स्मार्ट मीटर अपडेट न होने और यूनिट एडजस्टमेंट की समस्या से जूझ रहे हैं। वर्ष 2024 से अब तक सोलर योजना के तहत 25,703 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से हजारों उपभोक्ताओं ने 3 किलोवॉट से 5 किलोवॉट क्षमता तक के पैनल लगवाए हैं। सोलर पैनल लगाने में उपभोक्ताओं को डेढ़ लाख से लेकर पांच लाख रुपये तक खर्च करना पड़ा है, लेकिन अब उन्हें इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा।
रिचार्ज न होने पर कट रही बिजली
स्मार्ट मीटर के साथ लागू किए गए प्रीपेड सिस्टम ने उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ा दी है। अब उपभोक्ताओं को पहले से बिजली के लिए रिचार्ज कराना पड़ रहा है। कई मामलों में बैलेंस होने के बावजूद बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं। वहीं जो उपभोक्ता समय पर रिचार्ज नहीं कर पा रहे हैं, उनके घरों की बिजली सप्लाई तुरंत बंद कर दी जा रही है।
उपभोक्ताओं का छलका दर्द
महेंद्र एन्क्लेव निवासी सुभाष चौधरी बताते हैं कि उन्होंने एक वर्ष पहले करीब ढाई लाख रुपये खर्च कर 3 किलोवॉट का सोलर पैनल लगवाया था। इससे रोजाना 18 से 20 यूनिट बिजली बनती थी और कम खपत होने पर अतिरिक्त यूनिट अगले महीने जुड़ जाती थी। लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह सुविधा समाप्त हो गई है।
वहीं शास्त्री नगर निवासी रविंद्र गोयल का कहना है कि उन्होंने डेढ़ साल पहले 5 किलोवॉट का सोलर पैनल लगाया था, जिससे उन्हें रोजाना लगभग 30 यूनिट का लाभ मिल रहा था। लेकिन पिछले डेढ़ महीने से मीटर की रीडिंग अपडेट नहीं हो रही है, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कई बार अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला।
तकनीकी समस्या बता रहे अधिकारी
स्मार्ट मीटर में उत्पन्न यह समस्या तकनीकी कारणों से सामने आई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही सिस्टम को अपडेट किया जाएगा, जिससे सोलर यूनिट का समायोजन फिर से शुरू हो सकेगा। साथ ही अन्य तकनीकी समस्याओं की भी समीक्षा की जा रही है।
अन्य समस्याएं भी बनीं मुसीबत
स्मार्ट प्रीपेड मीटर के साथ कई अन्य समस्याएं भी सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि सर्वर डाउन होने के कारण कई बार रिचार्ज नहीं हो पाता। ऑनलाइन बिलिंग सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। बिजली कटने के बाद सप्लाई बहाल होने में घंटों लग जाते हैं। कई उपभोक्ताओं ने यह भी शिकायत की है कि उनके पोस्टपेड मीटर अपने आप प्रीपेड में बदल गए हैं।
आज इन क्षेत्रों में रहेगी बिजली कटौती
इधर, मरम्मत कार्य के चलते फ्राइडे मार्केट और भोवापुर क्षेत्र में आज सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। इससे स्थानीय लोगों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।






