
भोपाल
भोपाल की एक अदालत ने घरेलू हिंसा के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए बुजुर्ग सास के पक्ष में राहत दी है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शोभना भलावे की अदालत ने सुनवाई के बाद बहू को मानसिक प्रताड़ना का दोषी माना।
कोर्ट ने निर्देश दिया कि वह भविष्य में ससुराल पक्ष के साथ किसी भी प्रकार का उत्पीड़न नहीं करेगी और मानसिक पीड़ा के लिए 20 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में अदा करेगी। यह मामला तुलसी नगर निवासी 60 वर्षीय शारदा वर्मा की ओर से दायर याचिका से जुड़ा है।
जांच रिपोर्ट ने मजबूत किए आरोप
अदालत के फैसले में महिला एवं बाल विकास विभाग की घरेलू घटना रिपोर्ट और महिला थाना भोपाल की जांच रिपोर्ट को अहम आधार माना गया।
दोनों रिपोर्टों में बहू द्वारा सास के साथ लगातार गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना किए जाने की पुष्टि हुई थी। इन्हीं तथ्यों के आधार पर अदालत ने बहू के खिलाफ फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि भविष्य में ससुराल पक्ष के साथ किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा या उत्पीड़न स्वीकार नहीं किया जाएगा।





