मध्यप्रदेश

‘लाइफलाइन’ पर खतरा! मंत्री और IAS के बंगले भी अवैध दायरे में

भोपाल

राजधानी की लाइफ-लाइन कहे जाने वाले बड़े तालाब को निगलने वाले रसूखदारों पर प्रशासन ने सीधा प्रहार शुरू कर दिया है। तालाब की सीमाओं को स्पष्ट करने के लिए शुरू हुआ सीमांकन अभियान बैरागढ़ वृत्त के वीआइपी रोड से होते हुए खानूगांव और हलालपुर तक पहुंच गया है। इसके तहत लाल-पीले निशान तालाब की सीमा को चिह्नित करने के लिए लगाए गए हैं। सीमांकन के दौरान फुल टैंक लेवल (एफटीएल) और उसके 50 मीटर के प्रतिबंधित दायरे में 50 से अधिक निर्माण मिले हैं। इनमें आलीशान बंगले, रिसार्ट, मैरिज गार्डन, क्लब, गोदाम और फैक्ट्रियां शामिल हैं।

अवैध निर्माणों पर चला प्रशासन का बुलडोजर

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शनिवार को हलालपुर में मोहम्मद अमीन खान के द्वारा बनाए गए गोदाम, शकील खान द्वारा बनाए गए रायल, क्रिसेंट मैरिज गार्डन की 100 मीटर लंबी स्थायी सुरक्षा दीवार को ढहाकर प्रशासन ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। शनिवार को अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई के दौरान एफटीएल और 50 मीटर दायरे में निर्माण करने वाले लोगों ने दस्तावेज पेश करने के लिए दो से तीन दिन की मोहलत मांगी थी। एसडीएम बैरागढ़ रविशंकर राय ने उन्हें चेतावनी दी है कि वह अनुमति के दस्तावेज पेश करें, जिनकी जांच कराई जाएगी। इसके बाद दोबारा से अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की जाएगी।

हुजूर में सीमांकन शुरू, टीटीनगर को नक्शे का इंतजार

हुजूर तहसील क्षेत्र में सीमांकन की कार्रवाई शनिवार से शुरू कर दी गई है। एसडीएम विनोद सोनकिया ने बताया कि भैंसाखेड़ी सहित अन्य गांवों में बड़ा तालाब की सीमा को चिह्नित किया गया है जहां पर अधिकांश क्षेत्र में खेती की जा रही है। वहीं, टीटीनगर वृत्त को टीएंडसीपी से नक्शा मिलने का इंतजार है। एसडीएम अर्चना शर्मा ने नक्शे के लिए टीएंडसीपी को पत्र भी लिखा है। नक्शा मिलते ही तालाब का सीमांकन शुरू कर सीमाओं को चिह्नित किया जाएगा।

तालाब की जद में आए कई बड़े और रसूखदार निर्माण

यह बड़े निर्माण अब तक आए तालाब की जद में वीआइपी रोड से बुधवार को शुरू हुए बड़े तालाब के सीमांकन के दौरान कई बड़े निर्माण इसकी सीमा के अंदर होना मिले हैं, जिनमें राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को आवंटित शासकीय बांग्ला, केके हाउस, सुपर बिल्डर की बिल्डिंग, कोचिंग सेंटर, गुलबाग लान, आइएएस के बंगले का कुछ हिस्सा, आर्मी वाटर स्पोर्ट्स सेंटर, भैंस डेरी, पक्के मकान, गोदाम, स्टील फैक्ट्री, मैरिज गार्डन आदि शामिल हैं। प्रशासन ने सभी को दस्तावेज पेश करने का समय दिया है, जिनकी जांच पड़ताल कर होली के बाद चिह्नित निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई शुरु होगी।

 

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