मध्यप्रदेश

सिंगरौली में सड़क हादसे के बाद भीड़ का तांडव, फूंकी गाड़ियां

सिंगरौली

 सिंगरौली जिले में  कोयला लदे ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार दो लोगों की मौत के बाद गुस्साई भीड़ ने 7 बस और 4 हाइवा (माल ढोने वाली गाड़ी) को आग के हवाले कर दिया, जिससे पूरी तरह अराजकता फैल गई. मृतकों की पहचान रामलालू यादव और रामसागर प्रजापति के रूप में हुई है. घटना माड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले अमिलिया घाटी की है. दोनों मृतक स्थानीय निवासी थे. अमिलिया घाटी में सड़क हादसे के बाद मचे बवाल की सूचना पाकर पुलसि मौके पर पहुंची और भीड़ को शांत कराकर स्थिति को नियंत्रित किया.

पुलिस ने दुर्घटना में मारे गए दोनों लोगों के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया. हालात को देखते हुए मौके पर कई थानों की पुलिस तैनात की गई. सिंगरौली के कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला और पुलिस अधीक्षक मनोज खत्री ने भी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया. जानकारी के मुताबिक जिन वाहनों में भीड़ ने आग लगाई वे उसी कोलमाइंस कंपनी के हैं, जिसके लोडर ट्रक से एक्सीडेंट हुआ था. ये वाहन कोयला परिवहन और कोलमाइंस में काम करने वाले कर्मचारियों को लाने-ले जाने के काम में लगे थे. सिंगरौली के पुलिस अधीक्षक मनोज खत्री ने बताया कि गुस्साई भीड़ वाहनों को आग के हवाले करने के बाद कोलमाइंस की ओर बढ़ रही थी. लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए भीड़ को तितर-बितर किया.

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सिंगरौली के पुलिस अधीक्षक मनोज खत्री ने बताया कि अमिलिया कोयला खदान से कोयला लोड करके कोल यार्ड की तरफ जा रहे एक हाइवा ने सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार दो युवक करीब 20 फीट गहरी खाई में जा गिरे. दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. हादसे के बाद हाइवा भी पलट गया था. दुर्घटना में दो लोगों की मौत के बाद, मृतकों के परिवार के सदस्यों सहित स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया, जो कुछ ही समय में हिंसक हो गया. एसपी खत्री ने कहा, 'दुर्घटना के बाद इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई, क्योंकि भीड़ ने 7 बसों सहित 11 वाहनों को आग लगा दी. पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया. भीड़ को काबू में करने के दौरान कई पुलिसकर्मियों को भी चोट आई.'

इस हादसे का वीडियो भी सामने आया है, जो हाइवा में लगे डैश कैम में कैद हो गया था. वीडियो में देखा जा सकता है कि बाइक से टक्कर के बाद हाइवा रोड से उतरकर खाई में चला जाता है. सीट बेल्ट टूटने से ड्राइवर केबिन में ही जोरदार झटके खाने लगता है. पुलिस ने बवाल और वाहनों में आग लगाने के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की बात कही. एसपी खत्री ने कहा, 'हम दुर्घटना और उसके बाद कानून व्यवस्था की स्थिति के संबंध में सभी कानूनी दायित्वों को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं.'

गनीमत रही की बस में सवार कर्मचारी समय रहते उतर गए, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था. स्थिति पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबल बुलाया गया. अ​मिलिया घाटी में स्थिति को और अधिक बिगड़ने से रोकने के लिए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है.

 

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