उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में सुधार, वृद्धों के लिए मिली नई राहत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना को मिली नई गति

आठ माह में प्रदेश भर में जुड़े 9.83 लाख नए पेंशनर

डिजिटल सत्यापन से पारदर्शी हुई व्यवस्था, लाभार्थियों की संख्या 67.50 लाख तक पहुंची

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आधार और डिजिटल मॉनिटरिंग से अपात्र नामों पर लगी रोक

पात्र वृद्धजनों को प्राथमिकता, कोई भी लाभ से न रहे वंचित

फैमिली आईडी से 60 वर्ष होते ही स्वतः मिलेगी पेंशन

समाज कल्याण विभाग की योजनाओं से बढ़ा बुजुर्गों का भरोसा

लखनऊ
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना वर्ष 2025 में सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनकर उभरी है। समाज कल्याण विभाग की इस योजना के अंतर्गत बीते आठ माह में प्रदेश भर में 9.83 लाख नए पात्र वृद्धजनों को जोड़ा गया है, जिससे कुल पेंशन लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 67.50 लाख तक पहुंच गई है।

डिजिटल सत्यापन से पारदर्शी हुई व्यवस्था
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप वृद्धजनों को सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन देने की दिशा में यह योजना लगातार सशक्त हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर योजना में डिजिटल मॉनिटरिंग, आधार आधारित सत्यापन और सतत निगरानी की व्यवस्था लागू की गई है। इससे पेंशन वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनी है तथा यह सुनिश्चित हुआ है कि सरकारी सहायता सही पात्रों तक ही पहुंचे।

67.50 लाख तक पहुंचे लाभार्थी
वर्ष 2024 में जहां राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना से 61.00 लाख वृद्धजन लाभान्वित हो रहे थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 67.50 लाख हो गई है। मंत्री ने कहा कि लाभार्थियों में यह वृद्धि योगी सरकार की सामाजिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक संबल दिया जा रहा है।

नियमित सत्यापन से अपात्र नाम हटे
योजना की शुचिता बनाए रखने के लिए विभाग द्वारा नियमित सत्यापन और समीक्षा की गई। इसके अंतर्गत
वर्ष 2024 में 1.77 लाख, जबकि
वर्ष 2025 में 3.32 लाख मृतक और अपात्र लाभार्थियों के नाम पेंशन सूची से हटाए गए। इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया गया कि पेंशन राशि केवल वास्तविक और पात्र वृद्धजनों को ही प्राप्त हो।

पात्र वृद्धजनों को मिले प्राथमिक लाभ
समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक अमरजीत सिंह ने बताया कि विभाग की प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र वृद्धजन पेंशन योजना से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से वर्ष 2025 में 9.83 लाख नए पात्र वृद्धजनों को योजना से जोड़ा गया, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या 7.08 लाख थी।

60 वर्ष होते ही खाते में पहुंचेगी पेंशन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में अब वृद्धावस्था पेंशन योजना को और अधिक सरल बनाया गया है। नई व्यवस्था के तहत पात्रों की पहचान और सत्यापन फैमिली आईडी ‘एक परिवार एक पहचान’ प्रणाली के माध्यम से स्वतः किया जाएगा। इससे कोई भी पात्र व्यक्ति 60 वर्ष की आयु पूर्ण करते ही पेंशन राशि सीधे उसके बैंक खाते में प्राप्त कर सकेगा।

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