छत्तीसगढ़

CG Weather: बस्तर में कमजोर मानसून ने बढ़ाई किसानों की मुश्किलें, सूखे की आशंका गहराई

बस्तर.

बस्तर संभाग में मानसून की सुस्ती अब किसानों की सबसे बड़ी चिंता बन गई है। दंतेवाड़ा को छोड़ अधिकांश जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। पिछले कई दिनों से बारिश नहीं होने से खेतों का पानी तेजी से सूख रहा है।

जहां धान की रोपाई हो चुकी है, वहां जमीन में दरारें पड़ने लगी हैं। मानसून आधारित खेती करने वाले किसान अब आसमान की ओर उम्मीद लगाए बैठे हैं। अगर जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो सूखे जैसी स्थिति बनने का खतरा बढ़ सकता है। तालाब और जलाशयों में भी अपेक्षित जलभराव नहीं हो पाया है।
जुलाई का आधा महीना गुजरने के बावजूद झमाझम बारिश का इंतजार जारी है। उमस और गर्मी ने आम लोगों की परेशानी भी बढ़ा दी है। पंखे, कूलर और एसी का इस्तेमाल अभी भी जारी है। किसानों को उम्मीद है कि गोंचा महापर्व के दौरान मौसम मेहरबान होगा। फिलहाल पूरा बस्तर मानसून की अगली बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।

खेती के मौसम में बिजली संकट
कोंडागांव. कोंडागांव जिले के हरवेल क्षेत्र में बिजली संकट अब किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। बड़ेराजपुर क्षेत्र के किसान अपनी समस्याएं लेकर पावर हाउस पहुंच गए। किसानों ने आरोप लगाया कि बार-बार बिजली कटने से सिंचाई प्रभावित हो रही है। धान रोपाई के महत्वपूर्ण समय में पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से चिंता बढ़ गई है। विद्युत पंप बंद रहने से खेतों तक पानी पहुंचाने में परेशानी हो रही है। किसानों ने नियमित और तय समय पर बिजली आपूर्ति की मांग की। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि यदि यही स्थिति रही तो फसलों को नुकसान होगा। बड़ी संख्या में किसान पावर हाउस परिसर में एकत्र होकर समाधान की मांग करते रहे। किसानों ने चेतावनी दी कि समस्या दूर नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने उनकी शिकायतें सुनकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। अब किसानों की नजर विभाग के अगले कदम पर टिकी हुई है। खेती के इस अहम दौर में निर्बाध बिजली आपूर्ति किसानों की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है।

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button