राजनीति

सिंधिया समर्थक कृष्णा घाड़गे पर BJP सख्त: केपी यादव पर बिना नाम लिए टिप्पणी पड़ी भारी

भोपाल

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक माने जाने वाले कृष्णा घाड़गे को भाजपा भोपाल शहर अध्यक्ष रविंद्र यति ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस एक फेसबुक पोस्ट को लेकर दिया गया, जिसमें पूर्व सांसद केपी यादव का नाम लिए बिना उन्हें “बालक बुद्धि नेता” बताया गया था। भाजपा संगठन की ओर से जारी नोटिस में कृष्णा घाड़गे से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी को अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना है।

केपी यादव के बयान के बाद बढ़ा विवाद
दरअसल, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालने के बाद अशोकनगर पहुंचे केपी यादव ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि उन्हें प्रदेश नेतृत्व ने नई जिम्मेदारी सौंपी है और अब अगले दो वर्षों तक वे हर मंच पर दिखाई देंगे। उन्होंने मंच से कहा कि जनता का स्नेह और समर्थन उन्हें लगातार ऊर्जा देता है और क्षेत्र के विकास के लिए वे हर चुनौती का सामना करने को तैयार हैं। केपी यादव ने यह भी कहा कि अशोकनगर शांतिप्रिय क्षेत्र है, जहां लोग भाईचारे के साथ रहते हैं।

“फूट डालकर राज करने वालों” पर साधा निशाना
अपने संबोधन में केपी यादव ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ लोग समाज में फूट डालकर राजनीति करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने ऐसे लोगों से क्षेत्र के विकास के लिए सकारात्मक राजनीति करने की अपील की। उन्होंने कहा कि 2019 में जनता के आशीर्वाद से उन्हें संसद पहुंचने का अवसर मिला और पांच वर्षों तक उन्होंने क्षेत्र, प्रदेश और देश के विकास के लिए काम किया। साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में उन पर किसी प्रकार का आरोप नहीं लगा और उन्होंने बिना भेदभाव के सभी वर्गों के लिए काम किया। केपी यादव के इस बयान के बाद कृष्णा घाड़गे की सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई, जिसके बाद भाजपा संगठन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्हें नोटिस जारी कर दिया।

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