छत्तीसगढ़

बिलासपुर प्रेस क्लब चुनाव अजीत के टीम की हुई जीत.. शासन ने अपील खारिज की, नई कार्यकारिणी बरकरार… विरोधियों को लगा तगड़ा झटका…

बिलासपुर

 बिलासपुर प्रेस क्लब के चुनाव को लेकर चले विवाद में अंततः राज्य शासन ने दिलीप यादव की अपील खारिज कर दी है। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के उप सचिव द्वारा पारित आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अपीलकर्ता दिलीप यादव ने चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी, और स्वयं चुनाव में भाग लिया था, इसलिए बाद में चुनाव प्रक्रिया को चुनौती देना विधिसम्मत नहीं है।

प्रकरण के अनुसार, संस्था के तत्कालीन सचिव दिलीप यादव द्वारा 7 सितंबर 2025 को चुनाव कराने के लिए निर्वाचन अधिकारी अपने खासमखास महेश तिवारी को नियुक्त किया गया, और 9 सितंबर को आनन-फानन में चुनाव कार्यक्रम घोषित किया गया। इसी दौरान सहायक पंजीयक फर्म्स एवं संस्थाएं बिलासपुर ने संस्था के पदाधिकारियों को अधिनियम की धारा 27 व 28 के उल्लंघन के संबंध में नोटिस जारी किया था।

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19 सितंबर 2025 को 563 सदस्यों की मतदाता सूची के आधार पर चुनाव संपन्न कराया गया, लेकिन मतदाता सूची पंजीयक कार्यालय से प्रमाणित नहीं होने के कारण विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। इसके बाद सहायक पंजीयक की अनुशंसा पर रजिस्ट्रार फर्म्स एवं संस्थाएं छत्तीसगढ़ ने 19 सितंबर को हुए चुनाव को अमान्य घोषित करते हुए 18 नवंबर 2025 को नए सिरे से चुनाव कराने का आदेश दिया।

रजिस्ट्रार के आदेश के पालन में जिला कलेक्टर ने सहायक पंजीयक बिलासपुर को निर्वाचन अधिकारी नामित किया। इसके बाद वर्ष 2023 की मतदाता सूची के आधार पर 447 वैध सदस्यों के बीच 28 दिसंबर 2025 को पुनः चुनाव कराया गया, जिसमें अपीलकर्ता दिलीप यादव सहित अन्य प्रत्याशियों ने भाग लिया।

इस बीच दिलीप यादव ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रजिस्ट्रार के आदेश को निरस्त करने और उस पर रोक लगाने की मांग की थी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद शासन के समक्ष अपील प्रस्तुत की गई। 29 दिसंबर 2025 को हुई सुनवाई में अपीलकर्ता दिलीप यादव उपस्थित नहीं हुआ, जबकि अन्य पक्षों ने बताया कि 28 दिसंबर को चुनाव संपन्न हो चुका है।

आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि यदि अपीलकर्ता दिलीप यादव को चुनाव प्रक्रिया पर आपत्ति थी तो उसे चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ होने से पहले अपील करनी चाहिए थी। चूंकि अपीलकर्ता दिलीप यादव स्वयं चुनाव में शामिल हुआ और बाद में परिणाम को चुनौती दी, इसलिए यह विधि के स्थापित सिद्धांतों के विपरीत है। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा गया कि कोई भी व्यक्ति किसी प्रक्रिया में स्वेच्छा से भाग लेने के बाद उसके परिणाम के विरुद्ध उसी प्रक्रिया की वैधता को चुनौती नहीं दे सकता।

इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए शासन ने अपील को अस्वीकार कर दिया है और सहायक पंजीयक बिलासपुर को निर्देश दिया है कि अधिनियम की धारा 27 व 28 के अंतर्गत संस्था से नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इस आदेश के साथ ही बिलासपुर प्रेस क्लब के 28 दिसंबर 2025 को संपन्न हुए चुनाव और नई कार्यकारिणी के गठन पर शासन की मुहर लग गई है।

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