
रायपुर | राजधानी रायपुर में सरकारी दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। रायपुर नगर निगम के पार्षद एवं लोक कर्म विभाग के अध्यक्ष दीपक जायसवाल के आधिकारिक लेटरहेड और हस्ताक्षर के कथित फर्जी इस्तेमाल का खुलासा होने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। मामले में आजाद चौक थाना पुलिस को लिखित शिकायत सौंपकर तत्काल एफआईआर दर्ज करने, फोरेंसिक जांच कराने तथा पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की मांग की गई है।
जानकारी के अनुसार, पार्षद दीपक जायसवाल को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि ईदगाह भाटा, मंगल बाजार स्थित एक चॉइस सेंटर में उनके नाम, लेटरहेड और हस्ताक्षर का कथित रूप से उपयोग किया जा रहा है। शिकायतों के बाद पुलिस के साथ की गई जांच के दौरान वहां से उनके सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के स्कैन किए गए लेटरहेड मिलने की बात सामने आई।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आशंका है कि मूल लेटरहेड को स्कैन कर उसकी प्रतिलिपि तैयार की गई और उसी के आधार पर विभिन्न दस्तावेजों में हस्ताक्षर का कथित तौर पर अनधिकृत उपयोग किया गया। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और फोरेंसिक परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।
हजारों दस्तावेज जांच के दायरे में आ सकते हैंपार्षद दीपक जायसवाल ने आशंका जताई है कि यदि यह गतिविधि लंबे समय से चल रही थी, तो जन्म प्रमाण-पत्र, मृत्यु प्रमाण-पत्र, आय, जाति, निवास सहित अनेक शासकीय दस्तावेज प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने मांग की है कि उनके नाम और हस्ताक्षर का जहां-जहां उपयोग हुआ है, उन सभी प्रकरणों की तकनीकी जांच कराई जाए।
संगठित गिरोह की भी जांच की मांगशिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि जांच में किसी संगठित गिरोह या अन्य व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है तो सभी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित चॉइस सेंटर के संचालन, पंजीयन और कार्यप्रणाली की भी विस्तृत जांच कराई जाए।
‘जनता के भरोसे पर हमला’दीपक जायसवाल ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि के लेटरहेड और हस्ताक्षर का दुरुपयोग केवल एक व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की विश्वसनीयता और आम जनता के विश्वास पर सीधा हमला है। ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह का अपराध करने का साहस न कर सके।
पुलिस कर रही जांचफिलहाल मामला आजाद चौक थाना पुलिस के पास है। पुलिस शिकायत के आधार पर दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।






