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बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: ट्रैफिक पुलिस के 485 नए पद और 50% SI पदों पर प्रमोशन व्यवस्था

 बिहार सरकार ने राज्य की कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने और सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए दो बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के उन प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है, जो न केवल पुलिस बल की संख्या बढ़ाएंगे, बल्कि सेवारत पुलिसकर्मियों के प्रमोशन का रास्ता भी साफ करेंगे। इन फैसलों का सीधा असर बिहार की जनता की सुरक्षा और शहरों की यातायात व्यवस्था पर पड़ेगा।

1. चार प्रमुख शहरों को मिलेगी नई 'यातायात पुलिस'
बिहार के बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए सरकार ने राज्य के चार महत्वपूर्ण शहरों— भागलपुर, मुजफ्फरपुर, बिहारशरीफ (नालंदा) और गयाजी (गया) की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने का जिम्मा उठाया है।

इन शहरों में यातायात के सुचारू संचालन के लिए BPR&D (पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो) के 2015 के मानकों के अनुरूप नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत यातायात पुलिस की विभिन्न श्रेणियों में 485 नए पदों का सृजन किया जाएगा। इसके अलावा, पहले से सृजित कुल 1606 पदों को भी इन शहरों के लिए विशेष रूप से आरक्षित किया गया है।

2. पुलिस अवर निरीक्षक के 20,937 पदों पर बड़ा अपडेट
बिहार पुलिस के सुदृढ़ीकरण की दिशा में दूसरा सबसे बड़ा फैसला पुलिस सब-इंस्पेक्टर और इसके समकक्ष पदों को लेकर लिया गया है। बढ़ती जनसंख्या के अनुपात में पुलिस बल की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने पहले ही 20,937 पदों का सृजन किया था।

अब कैबिनेट ने यह निर्णय लिया है कि इन कुल 20,937 पदों में से 50% (पचास प्रतिशत) पदों को 'प्रोन्नति' के लिए चिन्हित किया जाएगा। इसका मतलब है कि विभाग में लंबे समय से सेवा दे रहे योग्य पुलिसकर्मियों को अब समय पर प्रमोशन मिल सकेगा। बाकी के 50% पदों पर सीधी नियुक्ति की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सीधी बहाली के पद आधे हो गए पुलिस में, आधे पद अब प्रमोशन से भरे जाएंगे।

क्यों जरूरी थे ये फैसले?
बिहार सरकार का मानना है कि केवल नई भर्ती ही काफी नहीं है, बल्कि विभाग के भीतर काम कर रहे जवानों का मनोबल बढ़ाना भी जरूरी है। प्रोन्नति के लिए 50% पद आरक्षित करने से विभाग में वर्षों से काम कर रहे अनुभवी अधिकारियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा, जिससे पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी।

वहीं, यातायात के लिए 485 नए पदों का सृजन यह सुनिश्चित करेगा कि सड़कों पर केवल सिपाही ही नहीं, बल्कि तकनीकी रूप से सक्षम अधिकारी भी तैनात हों जो आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को संभाल सकें।

 

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