मध्यप्रदेश

महाकाल की सवारी को लेकर बड़ा फैसला, उज्जैन में संडे को खुलेंगे स्कूल; 7 सितंबर को जिलेभर में छुट्टी

उज्जैन 
 भगवान भोलेनाथ की भक्ति का माह श्रावण उज्जैन में निराले तरीके मनाया जाता है. सावन व भादौ माह में भगवान महाकाल की सवारी निकलती है. सोमवार को निकलने वाली सवारी के दर्शन करने के लिए देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं. 30 जुलाई से सावन का महीना शुरू होने वाला है. बाबा महाकाल के दरबार मे भक्तों का हुजूम उमड़ेगा. ट्रैफिक का दबाव बढ़ेगा. इसके मद्देनजर स्कूलों की व्यवस्था में परिवर्तन किया गया है। 

बाबा की शाही सवारी 7 सितंबर को
सावन-भादौ के प्रति सोमवार को बाबा महाकाल नगर भ्रमण पर निकलते हैं, जिसको लेकर पूरे सवारी मार्ग पर श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं को देखते हुए बैरिकेडिंग की जाएगी. इस कारण स्कूल बसों व अभिभावक- बच्चों को परेशानी का सामना करना न करना पड़े. इसलिए जिला प्रशासन ने फैसला लिया है कि उज्जैन में स्कूल सोमवार को बंद रहेंगे. इसके साथ ही रविवार को स्कूल विधिवत लगेंगे. 7 सितम्बर को शाही सवारी के कारण पूरे जिले में अवकाश घोषित रहेगा. यह आदेश निजी व शासकीय सभी पर लागू होगा। 

महाकाल की सवारी कब-कब निकलेगी
इस बार सावन-भादौ में 6 सवारी महाकाल मंदिर से निकलेंगी. सावन में प्रथम सवारी 3 अगस्त, दूसरी सवारी 10 अगस्त, तृतीय सवारी 17 अगस्त, चतुर्थ सवारी 24 अगस्त सावन में निकलेगी. भादौ में पंचम सवारी 31 अगस्त तथा शाही (राजसी) सवारी 7 सितंबर को निकाली जाएगी. इसे देखते हुए 31 अगस्त तक स्कूलों की सोमवार को छुट्टी रहेगी व सोमवार को स्कूल लगेंगे। 

Related Articles

कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया "रविवार को स्कूल लगाने का कारण है कि बाबा महाकाल की सवारी देखने के लिए देशभर से भक्त उज्जैन पहुंचते हैं. ऐसे में बरेकेडिंग व भीड़ के दबाव में सिटी में जाने वाली स्कूल बस फ़ंस जाती है, जिससे स्कूली बच्चों व श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। 

ऐसा है बाबा महाकाल का सवारी मार्ग
सवारी महाकाल मंदिर से शुरू होकर कोट मोहल्ला, गुदरी चौराहा, कहारवाड़ी, हरसिद्धि की पाल, रामानुजनकोट से रामघाट पहुंचती है, जहां बाबा महाकाल का मोक्षदानी शिप्रा के जल से अभिषेक व पूजन अर्चन किया जाता है. इसके बाद सवारी वापस रामानुजनकोट, कार्तिक चौक, जगदीश मंदिर, ढाबा रोड, छत्री चौक, गोपाल मंदिर पहुंचती है, जहां हरि से हर का मिलन होता है, जिसके बाद सवारी पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होते हुए वापस महाकाल मंदिर पहुंचती है. इसी दौरान मार्ग पर बैरीकेकेडिंग रहती है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा की एक झलक पाने के लिए यह पहुंचते हैं। 

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button