मध्यप्रदेश

विधानसभा चुनाव 2023: लगी वादों की झड़ी, कौन भरेगा 50 हजार करोड़ रुपए

भोपाल

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनज कांग्रेस और बीजेपी ने अनेकों घोषणा की हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि इन घोषणाओं की कीमत कम से कम 50 हजार करोड़ रुपए है। यह भुगतान मध्यप्रदेश को करना होगा। दूसरी ओर चुनाव आयोग इस तैयारी में जुटा हुआ है कि राजनीतिक दल अपने द्वारा की जा रही घोषणाओं के लिए पैसा कहां से लाएंगी इसकी भी जानकारी अपने घोषणा पत्र में दें। पिछले दिनों मुख्य चुनाव आयुक्त ने इसके संकेत दिए थे।

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में वादों की झड़ी लग चुकी है। यहां  भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस में सीधा मुकाबला नजर आ रहा है। अब कहा जा रहा है कि इन वादों का बोझ राज्य पर 50 हजार करोड़ रुपए के रूप में पड़ सकता है। हालांकि, यह कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि भाजपा और कांग्रेस के वादों का बिल इतना हो सकता है।  कांग्रेस ने बिजली दरों और महिलाओं को आर्थिक मदद के साथ पुरानी पेंशन स्कीम यानी OPS का वादा किया है। एक मीडिया रिपोर्ट में प्रकाशित आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ महिलाओं को ही आर्थिक सहयोग देने में हर साल 24 हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा। बच्चों के लिए हुए ताजा ऐलान आंकड़े को 50 हजार करोड़ के पार पहुंचा देंगे। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने स्कूली बच्चों को हर महीना सहायता देने की बात कही है।
भाजपा की

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चुनावी घोषणाएं भी इतनी ही कीमती
संभावनाएं हैं कि भाजपा की घोषणाओं का खर्च भी 50 हजार करोड़ रुपए को पार कर सकता है। लाड़ली बहना योजना में हर साल 20 हजार करोड़ रुपए खर्च होने हैं। वहीं वादा किया है कि 1650 रुपए को बढ़ाकर हर महीना 3000 रुपए किया जाएगा। ऐसे में सिर्फ यही योजना बिल को 47 हजार करोड़ रुपए के पार ले जा रही है। वहीं 450 रुपए में सिलेंडर और पीएम किसान सम्मान निधि में किसानों के लिए राज्य की तरफ से 6000 रुपए जोड़ने का वादा किया है।

महिलाओं पर सबसे ज्यादा फोकस
कांग्रेस और बीजेपी का सबसे ज्यदा फोकस 2.72 करोड़ महिला मतदाताओं पर है। यही वजह है कि कांग्रेस ने नारी शक्ति सम्मान के तहत 1500 रुपए प्रतिमाह देने का ऐलान किया है। साथ ही 500 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर, 100 यूनिट बिजली फ्री में देने की बात कर रही है। वहीं युवाओं को इस बार बेरोजगारी भत्ता देने की बजाए प्रोत्साहन योजना के जरिए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने जा रही है। बीजेपी ने भी लाड़ली बहना योजना समेत कई योजनाएं महिलाओं के लिए  शुरू की हैं।

दोनों पार्टियों को है उम्मीद…
 भाजपा को चुनाव में गरीब महिलाओं के लिए नकद हस्तांतरण पहल ‘लाडली बहना योजना’ और केंद्र द्वारा किसानों के लिए शुरू की गई इसी तरह की नकद हस्तांतरण योजना से लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं कांग्रेस को भी उम्मीद है कि इन घोषणाओं से उसकी झोली में बड़ी संख्या में वोट आ सकते हैं।

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