उत्तर प्रदेश

योगी सरकार का बड़ा कदम, डिजिटल ट्रेनिंग से हाईटेक बन रहे शिक्षक

डिजिटल प्रशिक्षण से शिक्षकों को हाईटेक बना रही योगी सरकार

– निष्ठा प्रशिक्षण 2026-27 का पहला चरण शुरू, दीक्षा पोर्टल के माध्यम से होगा ऑनलाइन प्रशिक्षण

– प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के शिक्षकों को नई शिक्षा पद्धति, एफएलएन और डिजिटल सुरक्षा का मिलेगा प्रशिक्षण

– तकनीक आधारित शिक्षक प्रशिक्षण मॉडल को जमीनी स्तर तक मजबूत कर रही योगी सरकार

लखनऊ
योगी सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार प्रयासरत है। शिक्षकों को नई तकनीक, आधुनिक शिक्षण पद्धति और डिजिटल दक्षता से लैस करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। प्रदेश सरकार ने सत्र 2026-27 के लिए निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम का पहला चरण दीक्षा पोर्टल के माध्यम से शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा।

योगी सरकार की यह पहल दर्शाती है कि अब प्रदेश में शिक्षा सुधार केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षकों की क्षमता वृद्धि और डिजिटल दक्षता को भी उतनी ही प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का फोकस अब तकनीक आधारित शिक्षक प्रशिक्षण मॉडल को जमीनी स्तर तक मजबूत करने पर है, ताकि कक्षा शिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

निष्ठा कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षकों का नामांकन 21 मई 2026 से शुरू हो गया है, जबकि नामांकन की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 15 सितंबर 2026 तक संचालित होंगे। शासन स्तर से सभी बीएसए, डायट प्राचार्य, बीईओ, एसआरजी, एआरपी और डायट मेंटर्स को शिक्षकों का शत-प्रतिशत नामांकन और प्रशिक्षण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

तीन श्रेणियों में होगा प्रशिक्षण
निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम को तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहली श्रेणी ईसीसीई की है, जिसमें प्री-प्राइमरी से कक्षा 2 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा और बुनियादी सीखने की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। दूसरी श्रेणी एफएलएन की है, जिसके अंतर्गत कक्षा 3 से 5 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को भाषा और गणितीय दक्षता आधारित शिक्षण पद्धति से जोड़ा जाएगा तथा तीसरी श्रेणी में कक्षा 6 से 12 तक के शिक्षकों के लिए एडवांस कोर्स शामिल किए गए हैं। इनमें साइबर हाइजीन, ई-वेस्ट के खतरे, एक्शन रिसर्च और 'कैच द रेन' जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से मजबूत हो रहा शिक्षक प्रशिक्षण
योगी सरकार पहले ही स्मार्ट क्लास, मिशन प्रेरणा, निपुण भारत मिशन और तकनीक आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ा रही है। अब दीक्षा पोर्टल के माध्यम से शिक्षक प्रशिक्षण को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर उसे और अधिक प्रभावी तथा पारदर्शी बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को नई शिक्षा नीति, गतिविधि आधारित शिक्षण, डिजिटल सुरक्षा और व्यावहारिक शिक्षा मॉडल से जोड़ना है, ताकि बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।

शिक्षा सुधार के साथ शिक्षक दक्षता पर फोकस
योगी सरकार की रणनीति साफ है कि जब शिक्षक तकनीक और आधुनिक शिक्षण पद्धति में दक्ष होंगे, तभी परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की सीखने की क्षमता और शैक्षिक गुणवत्ता में व्यापक सुधार दिखाई देगा। यही कारण है कि अब प्रदेश में शिक्षक प्रशिक्षण को केवल औपचारिक प्रक्रिया न रखकर डिजिटल और परिणाम आधारित मॉडल में बदला जा रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को जमीनी स्तर पर नई मजबूती मिल सके।

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button