मध्यप्रदेश

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: कलेक्टर, कमिश्नर और प्रमुख सचिव को जिम्मेदारी से बचने का कोई रास्ता नहीं

 ग्वालियर
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच में दीनारपुर जमीनी मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकारी अफसरों की देरी पर सख्त रुख अपनाया। सुनवाई में शासन की ओर से सरकारी वकील एसएस कुशवाहा और प्रतिवादी की ओर से वकील सुदामा प्रसाद चतुर्वेदी मौजूद रहे।

कोर्ट को बताया गया कि 18 मार्च के आदेश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के प्रमुख सचिव ने शपथपत्र पेश किया है। इसके साथ ही राजस्व विभाग ने 24 मार्च को एक सर्कुलर जारी किया है, जिसे सभी कमिश्नर और कलेक्टरों को भेजा गया है।

तो जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी
इस सर्कुलर में सुप्रीम कोर्ट के रामकुमार चौधरी केस के आधार पर साफ कहा गया है कि अब किसी भी मामले में अपील समय पर दायर करना जरूरी होगा। अगर इसमें देरी होती है, तो जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles

सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि इस विषय पर पूरी गाइडलाइन तैयार की जा रही है, जिसे दो-तीन दिन में जारी कर दिया जाएगा।
अफसर भले ही देर से जागे हों, नियमों का सख्ती से पालन करना होगा

इस संबंध में न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया ने कहा कि अफसर भले ही देर से जागे हों, लेकिन अब नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। कोर्ट ने साफ किया कि अब कोई भी अधिकारी चाहे कलेक्टर हो, कमिश्नर या प्रमुख सचिव अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।

कोर्ट ने यह भी कहा कि कई बार अधिकारी जानबूझकर अपील में देरी करते हैं और बाद में कोर्ट के आदेश का सहारा लेकर बचने की कोशिश करते हैं, जो अब नहीं चलेगा।

जल्द ही विस्तृत गाइडलाइन कोर्ट में पेश की जाए
कोर्ट ने आदेश दिए किए 24 मार्च का सर्कुलर पूरी तरह लागू किया जाए। वहीं राजस्व विभाग इस सर्कुलर को अपनी वेबसाइट पर डाले और जल्द ही विस्तृत गाइडलाइन कोर्ट में पेश की जाए। अब इस मामले की अगली सुनवाई एक अप्रैल को होगी। उस दिन सरकार को नई गाइडलाइन कोर्ट में पेश करनी होगी। 

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button