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केंद्रीय कैबिनेट ने रतलाम और नागदा के बीच तीसरी और चौथी लाइन के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी

रतलाम

 दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर अब तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाने की तैयारी हो चुकी है. केंद्रीय कैबिनेट ने रतलाम रेल मंडल के रतलाम और नागदा के बीच तीसरी और चौथी लाइन के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है. रतलाम रेल मंडल और पश्चिम मध्य प्रदेश के लिए यह बड़ी सौगात है. इस महत्वपूर्ण परियोजना पर सबसे पहले रतलाम रेल मंडल के इस रेलखंड को चुना गया है. इसका लाभ इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास को भी मिलेगा. 41 किमी के इस रेलमार्ग पर तीसरी और चौथी लाइन का काम अब जल्दी ही शुरू हो जाएगा.

रतलाम से नागदा रेल लाइन को मंजूरी
दरअसल, दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग देश की राजधानी और आर्थिक राजधानी को जोड़ने वाला अति महत्वपूर्ण रेलमार्ग है. इस मार्ग पर माल ढुलाई और यात्रियों की बढ़ती क्षमता को देखते हुए स्मार्ट पर तीसरी एवं चौथी लाइन की संभावना की रिपोर्ट रेलवे बोर्ड ने तलब की थी. इसके बाद पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान में दिल्ली मुंबई रेल मार्ग को शामिल किया गया है. जिसके अंतर्गत रतलाम रेल मंडल के रतलाम से नागदा के लिए तीसरी और चौथी लाइन को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. खासबात यह है कि जिस रेलखंड को इस योजना के प्रथम चरण में लिया गया है, वह दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे के नजदीक है. जिससे इन दोनों मार्गों के समीप आकार ले रहा रतलाम का विशेष निवेश क्षेत्र भी है.

यह मिलेगा लाभ
दिल्ली मुंबई रेलमार्ग पर तीसरी और चौथी लाइन बन जाने से ट्रेनों की रफ्तार 130 की बजाय 160 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी. जिससे दिल्ली और मुंबई के मध्य यात्रा का समय 10 घंटे से भी कम रह जाएगा. वहीं, लॉजिस्टिक लागत भी घटेगी और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी. 3399 करोड़ की इस परियोजना से इस क्षेत्र में लोगों को रोजगार भी मिलेगा और स्थानीय व्यवसाय को आर्थिक तरक्की भी मिलगी.

यह मिलेगा लाभ
दिल्ली मुंबई रेलमार्ग पर तीसरी और चौथी लाइन बन जाने से ट्रेनों की रफ्तार 130 की बजाय 160 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी. जिससे दिल्ली और मुंबई के मध्य यात्रा का समय 10 घंटे से भी कम रह जाएगा. वहीं, लॉजिस्टिक लागत भी घटेगी और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी. 3399 करोड़ की इस परियोजना से इस क्षेत्र में लोगों को रोजगार भी मिलेगा और स्थानीय व्यवसाय को आर्थिक तरक्की भी मिलगी.

रोजाना गुजरती हैं 200 से अधिक ट्रेनें
गौरतलब है कि, इस रेल मार्ग पर प्रतिदिन राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी सहित 200 से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है. इस अति व्यस्त रेल मार्ग पर तीसरी व चौथी लाइन के प्रस्ताव रतलाम रेल मंडल द्वारा भेजे गए थे. जिसे अब कैबिनेट ने मंजूर कर दिया है. जनसंपर्क अधिकारी खैमराज मीणा ने प्रेस नोट जारी कर बताया, ''रतलाम से नागदा और रतलाम से दाहोद रेलवे लाइन का प्रस्ताव बनाकर रेलवे बोर्ड को भेजा था. जिसमें से रतलाम नागदा रेलखंड को तीसरी और चौथी लाइन बनाने की मंजूरी मिल गई है.''

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