राजनीति

उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने भी 17 प्रत्याशी उतारे, जिसके चलते तीन सीटों पर कांग्रेस भड़की, संजय निरूपम हुए बागी

महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में भाजपा की ओर से 23 उम्मीदवारों के नाम घोषित करने के बाद अब उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने भी 17 प्रत्याशी उतार दिए हैं। उद्धव सेना के उम्मीदवार उतारते ही महाविकास अघाड़ी में रार भी शुरू हो गई है। एक तरफ कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने पार्टी को ही अल्टिमेटम दे दिया है तो वहीं कई सीनियर नेताओं ने उद्धव सेना पर हमला बोला है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने उद्धव ठाकरे से अपील की है कि वे सांगली समेत दो सीटों पर दोबारा विचार करें। वहीं मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने भी इस पर आपत्ति जताई है।

उन्होने कहा, 'अभी जब गठबंधन में सहमति नहीं बन पाई है तो फिर उद्धव ठाकरे की शिवसेना को सांगली और मुंबई की सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं करना चाहिए था। यह गलत हुआ है।' बता दें कि आज ही उद्धव ठाकरे गुट ने 17 नामों का ऐलान किया है। इनमें से सांगली से चंद्रहर पाटिल को मौका मिला है। इसके अलावा मुंबई उत्तर पश्चिम सीट से अमोल कीर्तिकर को उम्मीदवार बनाया गया है। इस सीट पर भी बहुत विवाद हो रहा है। कांग्रेस के सीनियर नेता संजय निरूपम ने इस सीट को लेकर अल्टिमेटम दे दिया है।

संजय निरूपम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मेरे पास तो विकल्पों की कमी नहीं है। एक सप्ताह तक इंतजार करूंगा और फिर फैसला लूंगा। उन्होंने मुंबई उत्तर पश्चिम सीट से अमोल कीर्तिकर को उतारने पर कहा कि मैं खिचड़ी चोर के लिए कैंपेन नहीं करूंगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तो शिवसेना के आगे दब गई है, लेकिन मैं यह स्वीकार नहीं करूंगा। उन्होंने इस तरह एक तरफ शिवसेना पर हमला बोला तो वहीं अपने हाईकमान को भी खुला चैलेंज कर दिया। संजय निरूपम ने कहा कि इस सीट से जिसे उम्मीदवार बनाया गया है, उस पर मजदूरों की खिचड़ी तक चुराने का आरोप है।

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क्या है मामला, जिस पर खिचड़ी चोर का आरोप लगा रहे संजय निरूप
दरअसल उत्तर पश्चिम मुंबई सीट से उद्धव सेना के कैंडिडेट अमोल कीर्तिकर पर खिचड़ी घोटाले का आरोप है। इस घोटाले को मनी लॉन्ड्रिंग से भी जोड़ा जा रहा है और उन्हें ईडी ने समन जारी कर दिया है। आरोप है कि कोरोना काल में बीएमसी की ओर से खिचड़ी बांटी जानी थी। यह प्रवासी मजदूरों के लिए थी, लेकिन इसमें घोटाला हो गया। कीर्तिकर पर आरोप है कि उन्होंने वेंडर की ठेका लेने में मदद की थी और उससे फिर लाखों रुपये की घूस ली गई। हालांकि उद्धव सेना इन आरोपों को गलत बताती है। संजय राउत का कहना है कि ईडी के समन के बाद भी कीर्तिकर की उम्मीदवारी कायम रहेगी।

 

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