
टोक्यो
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने कबड्डी फाइनल में शानदार खेल दिखाया और ईरान को हराकर एशियाई खेल 2026 में भारत के लिए तीसरा गोल्ड मेडल जीता। बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर यह कड़ा मुकबला अपने नाम किया। महिला कबड्डी में लगातार गोल्ड मेडल जीतकर भारत ने इतिहास रच दिया।
मुकाबले के दौरान कई बार ऐसा लगा कि ईरान जीत जाएगा और भारत को हरा देगा। हालांकि, टीम ने दबाव में भी शानदार खेल दिखाया और एशियाई खेलों में देश के लिए तीसरा गोल्ड मेडल जीता। दिलचस्प बात यह है कि मुकाबले के आखिरी पलों में ईरान ने कई गलतियां कीं। एक समय तो उनकी टीम के दो रेडर्स ने 'डबल एंट्री' भी कर दी। छोटी-मोटी गलतियों के बावजूद, भारतीय टीम की मानसिक मजबूती ने उन्हें मैच जीतने और आखिर में पहला स्थान हासिल करने में मदद की।
भारत ने महिला कबड्डी में चौथी बार जीता मेडल
2010 में एशियाई खेलों में महिला कबड्डी स्पर्धा की शुरुआत के बाद से भारत ने अब तक खेले गए पांचों फाइनल में जगह बनाई है और सभी में मेडल जीतने में सफल रहा है। (टीम ने चार बार स्वर्ण पदक और एक बार रजत पदक जीता है।) भारत महिला कबड्डी टीम ने 2010 में गुआंगझोऊ में थाइलैंड को 28-14 से हराकर खिताब जीता था। 2014 में इंचियोन (दक्षिण कोरिया) में टीम ने ईरान को 31-21 से हराकर गोल्ड मेडल जीता था। जकार्ता 2018 में ईरान ने बाजी मारी थी और भारत को 27-24 से हार मिली थी। भारत को रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। 2022 में तय हांगझोऊ एशियन गेम्स का आयोजन 2023 में हुआ था। जिसमें भारतीय महिला टीम ने चीनी ताइपे को 26-25 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। एशियन गेम्स 2026 में भारत ने ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल जीता।
भारत का रहा दबदबा
शुक्रवार को टोकाई सिटिजन्स जिम्नेजियम में खेले गये मुकाबले में भारत ने नेपाल को 48-24 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। 2010 में एशियाई खेलों में महिला कबड्डी स्पर्धा की शुरुआत के बाद से भारत सभी पांचों बार फाइनल में पहुंचा है। जकार्ता 2018 में स्वर्ण पदक मैच को छोड़कर, जिसमें ईरान जीता था, भारत ने बाकी सभी फाइनल जीते हैं।
मौजूदा चैंपियन भारत ने इस तरह से प्रतियोगिता में अपना अजय अभियान जारी रखा है। भारत ने पहले हाफ में 31-17 की बड़ी बढ़त बना ली, जिसमें चार ऑल-आउट और चार बोनस अंक शामिल थे। नेपाल भारत को पर्याप्त चुनौती नहीं दे सका और दूसरे हाफ में केवल सात अंक ही जुटा सका। इससे पहले महिला टीम ने ग्रुप चरण में ईरान, बांग्लादेश और जापान को हराया था। महिला कबड्डी को 2010 में पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया था और तब से भारत ने इसमें अपना दबदबा बनाए रखा है।
भारतीय टीम ने पहले हाफ में बना ली थी 22-16 की बढ़त
भारतीय महिला कबड्डी टीम एशियन गेम्स 2026 का आगाज होने से पहले ही गोल्ड जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी, जिसमें उनका प्रदर्शन भी शानदार देखने को मिला जो गोल्ड मेडल मुकाबले तक जारी रहा। ग्रुप स्टेज में जहां भारतीय महिला कबड्डी टीम का एकतरफा प्रदर्शन देखने को मिला तो वहीं सेमीफाइनल मैच को भी उन्होंने एकतरफा अंदाज में अपने नाम किया था। गोल्ड मेडल मैच में भारतीय टीम को ईरान से कड़ी टक्कर भी मिली जिसमें पहले हाफ में एक समय स्कोर 7-7 की बराबरी पर था, जिसके बाद भारतीय टीम अपने खेल को और अधिक आक्रामक करने के साथ पहला हाफ खत्म होने पर ईरान को एकबार ऑल आउट करने के साथ 22-16 के अंतर से बढ़त बना ली थी।
दूसरे हाफ में ईरान ने की वापसी लेकिन भारतीय टीम ने बनाए रखी बढ़त
गोल्ड मेडल मैच का दूसरा हाफ काफी रोमांचक रहा जिसमें ईरान की टीम ने जबरदस्त तरीके से वापसी करने के साथ भारतीय टीम को ऑल आउट भी कर दिया था, जिससे बढ़त काफी कम हो गई। इसके बाद भारतीय टीम ने वापसी करने के साथ ईरान को ऑल आउट किया और मुकाबला खत्म होने के साथ अपनी बढ़त को बनाए रखा जिसमें मैच के अंत में स्कोर लाइन 37-34 रहा और टीम इंडिया गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब रही।
पुरुषों के वर्ग में भी भारत मौजूदा चैंपियन है। फाइनल में उसका सामना ईरान से होगा। पुरुषों की कबड्डी 1990 से एशियाई खेलों का हिस्सा रही है और भारत ने अब तक आठ स्वर्ण पदक जीते हैं।
महिला कबड्डी टीम
मुख्य कोच: भारत तेजस्विनी बाई
पुष्पा राणा (कप्तान)
भावना ठाकुर
ज्योति ठाकुर
मनीषा कुमारी
निकिता कुमारी
पिंकी रॉय
पूजा हथवाला
राज रानी
रितु नेगी
रितु श्योराण
संजू देवी
सोनाली शिंगटे






